
देश के पश्चिमी तट को दहलाने वाले चक्रवाती तूफान ताउते की वजह से राजधानी दिल्ली में बुधवार के दिन रिकॉर्ड बारिश हुई। लगातार हो रही बरसात के चलते दिल्ली का अधिकतम तापमान सामान्य से 16 डिग्री कम रहा जो पिछले 70 वर्षों में सबसे कम है। आपको बता दें कि अभी दिल्ली का तापमान और गिरेगा क्योंकि गुरुवार को भी ताउते का असर दिख रहा है। आज भी सुबह से बारिश हो रही है जिसके चलते कई जगहों पर जलभराव हो गया है।
Heavy rainfall triggers waterlogging in parts of Delhi; visuals from near Supreme Court and Bhairon temple in the National Capital pic.twitter.com/w3QNHgFEdA
— ANI (@ANI) May 20, 2021
दिल्ली वालों के लिए मई का यह तीसरा सप्ताह काफी राहत भरा साबित हो रहा है। फरवरी, मार्च और अप्रैल का महीना दिल्ली में आमतौर पर सूखा रहा था। इसके चलते इन तीनों ही महीनों में सामान्य से ज्यादा गर्मी महसूस की गई थी। कई मौकों पर तापमान 40 डिग्री से पार रहा। लेकिन, अब मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है।
दिल्ली के ज्यादातर हिस्सों में बुधवार की तड़के से ही हल्की और मध्यम बारिश शुरू हो गई। दिन भर हल्की बारिश की लड़ी टूटी नहीं और घने बादल छाए रहे। सूरज के एकदम भी दिखाई नहीं पड़ने के चलते अधिकतम तापमान में खास बढ़ोतरी नहीं हुई। सफदरजंग मौसम केन्द्र में दिन का अधिकतम तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जो कि सामान्य से 16 डिग्री कम है। वहीं, न्यूनतम तापमान 21.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया जो कि सामान्य से पांच डिग्री है। इस प्रकार से देखें तो न्यूनतम और अधिकतम तापमान में लगभग ढाई डिग्री का ही फासला रहा।
मई के महीने की रिकॉर्ड बारिश
सफदरजंग मौसम केन्द्र में सुबह साढ़े आठ बजे से शाम को साढ़े पांच बजे के बीच 31.3 मिलीमीटर बरसात रिकॉर्ड की गई। जबकि, शाम के साढ़े आठ बजे बारिश का आंकड़ा 60 मिलीमीटर तक पहुंच गया था। देर रात दस बजे तक भी दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में बारिश हो गई। इससे पूर्व 1976 के मई महीने की 24 तारीख को 60 मिलीमीटर बरसात हुई थी। जो कि ऐतिहासिक तौर पर दिल्ली के लिए मई महीने के किसी दिन का रिकॉर्ड था।
70 सालों बाद मई में इतना कम अधिकतम तापमान
आमतौर पर गर्मी के मौसम में दिन के अधिकतम तापमान का रिकॉर्ड रखा जाता है। लेकिन, इस बार अधिकतम तापमान में गिरावट का रिकॉर्ड भी कायम हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक वर्ष 1951 से मौजूद आंकड़े बताते हैं कि यह मई के महीने का सबसे कम अधिकतम तापमान है। वर्ष 1982 के मई महीने की 13 तारीख को अधिकतम तापमान 24.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था।
चक्रवाती तूफान का दिख रहा असर
देश के पश्चिमी तटों को दहलाने वाले चक्रवाती तूफान ताउते के प्रभाव के चलते दिल्ली में मई के महीने में इतनी बारिश देखने को मिल रही है। प्रादेशिक मौसम पूर्वानुमान केन्द्र के प्रमुख डॉ. कुलदीप श्रीवास्तव के मुताबिक गुरुवार के दिन भी हल्की बूंदाबांदी के आसार हैं। हालांकि, दोपहर के बाद बूंदाबांदी रुकने की संभावना है। जबकि, आसमान में बादलों की मौजूदगी बनी रहेगी।
दिल्ली में 70 सालों में पहली बार ऐसा मौसम, लगातार बारिश से 16 डिग्री गिरा पारा - Hindustan
Read More
No comments:
Post a Comment