दिल्ली के उपमुख्यमंत्री ने कहा है कि भाजपा सस्ती राजनीति कर रही है, सिंगापुर में अपनी छवि को लेकर चिंतित है लेकिन कोरोना वायरस के नये स्वरूप से बच्चों को खतरे को लेकर उसे चिंता नहीं।
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया। (source: PTI)कोरोना वायरस के संक्रमण से देश में पिछले 24 घंटे में 4500 से अधिक लोगों की मौत हुई है। इस बीच सरकार और विपक्ष के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर भी जारी है। सिंगापुर स्ट्रेन को लेकर केजरीवाल द्वारा दिए गए बयान पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने केजरीवाल को फटकार लगायी थी। अब दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने पलटवार किया है।
दिल्ली के उपमुख्यमंत्री ने कहा है कि भाजपा सस्ती राजनीति कर रही है, सिंगापुर में अपनी छवि को लेकर चिंतित है लेकिन कोरोना वायरस के नये स्वरूप से बच्चों को खतरे को लेकर उसे चिंता नहीं। केंद्र ने कोरोना वायरस के लंदन में पाए गए स्वरूप को लेकर अलर्ट पर विचार नहीं किया था, कई लोगों ने इसके चलते अपने परिवार के सदस्यों को खो दिया। बताते चलें कि विदेश मंत्री ने कहा था कि सिंगापुर और भारत कोरोना वायरस के साथ लड़ाई में मजबूत साथी रहे हैं। सिंगापुर ने ऑ्क्सीजन सप्लायर और ढुलाई के हब के तौर पर किरदार निभाया है। उनकी तरफ से मदद के लिए मिलिट्री एयरक्राफ्ट लगाना हमें बेहतरीन रिश्तों पर बोलने में मदद करता है।
दिल्ली के मुख्यमंत्री ने मंगलवार को ट्वीट किया था, “सिंगापुर में कोरोना वायरस का नया स्वरूप बच्चों के लिए बहुत खतरनाक बताया जा रहा है। यह तीसरी लहर के रूप में दिल्ली पहुंच सकता है। मेरी केंद्र सरकार से अपील है, 1. तत्काल प्रभाव से सिंगापुर से सभी हवाई सेवाएं रद्द करें, 2. प्राथमिकता के आधार पर बच्चों के लिए टीका विकल्पों पर काम करें।”
केजरीवाल के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए, सिंगापुर के स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार रात को कहा, “खबरों में जो भी दावे किए जा रहे हैं उनमें कोई सच्चाई नहीं है।”इसने एक बयान में कहा, ‘‘वायरस को कोई सिंगापुरी स्वरूप नहीं है।
हाल के हफ्तों में कोविड-19 के कई मामलों में जो स्वरूप दिख रहा है वह बी.1.617.2 है जिसकी उत्पत्ति भारत में हुई थी। वंशावली परीक्षण में इस बी.1.617.2 प्रकार को सिंगापुर में वायरस के कई क्लस्टरों के साथ जुड़ा हुआ पाया गया है।”
विदेश मंत्री के ट्वीट पर मनीष सिसोदिया का पलटवार, कहा- सरकार को सिंगापुर की चिंता है, हमारे बच्चों की नहीं - Jansatta
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