Rechercher dans ce blog

Monday, May 31, 2021

Mamata Banerjee ने PM Modi को लिखा पत्र, चीफ सेक्रेटरी के तबादले का आदेश वापस लेने का किया आग्रह - Zee News Hindi

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखकर  (Mamata Banerjee writes to PM Narendra Modi) राज्य के मुख्य सचिव अलपन बंद्योपाध्याय (Alapan Bandyopadhyay) को दिल्ली बुलाने के आदेश को रद्द करने का अनुरोध किया है.

ममता बनर्जी ने बताया पूरी तरह से असंवैधानिक फैसला

ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने पीएम नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) को भेजे पत्र में कहा, 'पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव अलपन बंद्योपाध्याय (Alapan Bandyopadhyay) को दिल्ली बुलाने के एकतरफा आदेश से स्तब्ध और हैरान हूं. यह एकतरफा आदेश कानून की कसौटी पर खरा नहीं उतरने वाला, ऐतिहासिक रूप से अभूतपूर्व तथा पूरी तरह से असंवैधानिक है.

पुराने आदेश को माना जाए प्रभावी: ममता बनर्जी

ममता बनर्जी ने पत्र में आगे कहा, 'केंद्र ने राज्य सरकार के साथ विचार-विमर्श के बाद मुख्य सचिव का कार्यकाल एक जून से अगले तीन महीने के लिए बढ़ाने जो आदेश दिया था. उसे ही प्रभावी माना जाए.' बता दें कि अलपन बंद्योपाध्याय (Alapan Bandyopadhyay) का कार्यकाल आज (31 मई) खत्म हो रहा था, लेकिन कोविड-19 के प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए इन्हें 3 महीने का एक्सटेंशन दिया गया है.

ये भी पढ़ें- ममता बनर्जी और केंद्र फिर आमने-सामने, मुख्य सचिव को रिलीव नहीं कर रही राज्य सरकार

4 दिन में क्या बदल गया: ममता बनर्जी

ममता बनर्जी ने कहा, 'मुख्य सचिव को 24 मई को कैबिनेट सचिव द्वारा तीन महीने के लिए विस्तार दिया गया था और 28 मई को 'एकतरफा' आदेश देकर उन्हें दिल्ली में डीओपीटी को को रिपोर्ट करने के लिए कहा गया.' ममता बनर्जी ने सवाल उठाते हुए कहा, '24 मई से 28 मई के बीच क्या हुआ? यह बात समझ में नहीं आई. आदेश में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति (Central deputation) के किसी विवरण या कारणों का उल्लेख नहीं है.'

बैठक में शुवेंदु अधिकारी के शामिल होने पर जताई आपत्ति

पत्र में ममता बनर्जी ने आगे लिखा, 'मुझे आशा है कि नवीनतम आदेश (मुख्य सचिव का तबादला दिल्ली करने का) और कलईकुंडा में आपके साथ हुई मेरी मुलाकात का कोई लेना-देना नहीं है. मैं सिर्फ आपसे बात करना चाहती थी. प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के बीच आमतौर पर जिस तरह से बैठक होती है उसी तरह से, लेकिन आपने अपने दल के एक स्थानीय विधायक को भी इस दौरान बुला लिया, जबकि प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री की बैठक में उपस्थित रहने का उनका कोई मतलब नहीं है.' बता दें कि बैठक में नंदीग्राम से बीजेपी के विधायक शुवेंदु अधिकारी भी इस बैठक में शामिल हुए थे.

लाइव टीवी

Adblock test (Why?)


Mamata Banerjee ने PM Modi को लिखा पत्र, चीफ सेक्रेटरी के तबादले का आदेश वापस लेने का किया आग्रह - Zee News Hindi
Read More

यूपी: छह और जिलों को कोरोना कर्फ्यू से राहत, कोरोना संक्रमित मामलों की संख्या 600 से कम हुई - अमर उजाला - Amar Ujala

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 31 May 2021 03:16 PM IST

सार

यूपी के बिजनौर, मुरादाबाद, देवरिया, बागपत, प्रयागराज और सोनभद्र में भी कोरोना के मामलों की संख्या 600 से कम हो गई है। अत: इन जिलों को भी दिन के कर्फ्यू से मुक्त कर दिया गया है।

प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

ख़बर सुनें

विस्तार

यूपी के छह और जिलों को कोरोना कर्फ्यू से राहत दी गई है। इन जिलों में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या 600 से कम हो गई है। इसके तहत अब बिजनौर, मुरादाबाद, देवरिया, बागपत, प्रयागराज और सोनभद्र को कोरोना कर्फ्यू से राहत दी गई है। सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ टीम-9 की बैठक में ये निर्णय लिया गया।
विज्ञापन

बता दें कि एक जून से प्रदेश के उन जिलों में दिन का कर्फ्यू हटा लिया गया है जहां पर कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या 600 से कम है। इसके अलावा, बाकी सभी जिलों में रात्रि कर्फ्यू शाम 7 बजे से सुबह 7 बजे तक जारी रहेगा। इस नियम के तहत अब प्रदेश के 61 जिलों को दिन के कर्फ्यू से मुक्त कर दिया गया है।

आदेश जारी करते हुए प्रदेश के मुख्य सचिव आर के तिवारी द्वारा निर्देश में कहा गया है कि 600 से अधिक सक्रिय मामलों वाले जिलों में कोई छूट नहीं दी जा रही है। यदि किसी जिले में सक्रिय मामले 600 से कम हो जाते हैं तो छूट अपने आप अमल में आ जाएगी। इसी तरह जिन जिलों में छूट दी गई है, वहां मामले 600 से अधिक होते ही छूट अपने आप ही समाप्त हो जाएगी और समस्त गतिविधियों पर फिर से रोक लगा दी जाएगी। प्रदेश में अब मेरठ, लखनऊ, सहारनपुर, वाराणसी, गाजियाबाद, गोरखपुर, मुजफ्फरनगर, बरेली, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, झांसी, लखीमपुर खीरी, जौनपुर एवं गाजीपुर में फिलहाल कोई छूट नहीं दी गई है।

जिन जिलों को छूट दी गई है वहां भी स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थान, सिनेमा हॉल, जिम, स्वीमिंग पूल, क्लब एवं शॉपिंग मॉल पूरी तरह बंद रहेंगे। शिक्षण संस्थानों और कोचिंग संस्थानों में ऑनलाइन पढ़ाई की अनुमति विभागीय आदेशों के अनुसार होगी।

विज्ञापन
आगे पढ़ें

सरकारी दफ्तरों में 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ होगा काम

विज्ञापन

Adblock test (Why?)


यूपी: छह और जिलों को कोरोना कर्फ्यू से राहत, कोरोना संक्रमित मामलों की संख्या 600 से कम हुई - अमर उजाला - Amar Ujala
Read More

कोरोना : उत्तराखंड में आठ जून तक बढ़ा कर्फ्यू, अब परचून के साथ ही स्टेशनरी की दुकानें भी खुलेंगी - अमर उजाला - Amar Ujala

न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Mon, 31 May 2021 12:52 PM IST

सार

कोविड कर्फ्यू लागू होने के बाद प्रदेश में कोरोना संक्रमितों के मामलों में लगातार कमी आई है।

कोविड कर्फ्यू - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

ख़बर सुनें

विस्तार

उत्तराखंड में आठ जून तक कोरोना कर्फ्यू बढ़ा दिया गया है। हालांकि कुछ रियायत भी दी गई है। इस दौरान राशन की दुकानें दो दिन और स्टेशनरी की दुकान को एक दिन खुलने के लिए छूट दी गई है। वहीं, अब सुबह आठ बजे से दोपहर एक बजे तक आवश्यक वस्तुओं की दुकानें खुलेंगी। अब तक यह समय सीमा सुबह आठ से 11 बजे तक थी। 
विज्ञापन

उत्तराखंड में कोरोना: अल्मोड़ा में लगे दो ऑक्सीजन जेनरेशन प्लांट, सीएम ने  ऑनलाइन किया शुभारंभ

जरूरी वस्तुओं की खरीद को आवाजाही की छूट रहेगी
सरकार के प्रवक्ता एवं कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने बताया कि परचून की दुकानें अब हफ्ते में दो दिन एक और पांच जून को खुलेंगी। एक जून से स्टेशनरी की दुकानें भी खुलेंगी। इसके अलावा सारी व्यवस्था पहले की तरह रहेगी। इस दौरान जरूरी वस्तुओं की खरीद को आवाजाही की छूट रहेगी। 

उत्तराखंड : पैसे देकर समय पर नहीं मिल रही वैक्सीन, 18 से 44 आयु वर्ग को करना होगा नौ जून तक इंतजार

कोरोना संक्रमितों के मामलों में लगातार कमी
कोविड कर्फ्यू लागू होने के बाद प्रदेश में कोरोना संक्रमितों के मामलों में लगातार कमी आई है। दुकानों को खोलने के संबंध में व्यापारी वर्ग का भी सरकार पर लगातार दबाव बन रहा है।

विज्ञापन
आगे पढ़ें

राज्य के 13 में से 12 जिलों में 387 कंटेनमेंट जोन

विज्ञापन

Adblock test (Why?)


कोरोना : उत्तराखंड में आठ जून तक बढ़ा कर्फ्यू, अब परचून के साथ ही स्टेशनरी की दुकानें भी खुलेंगी - अमर उजाला - Amar Ujala
Read More

पंजाब कांग्रेस में कलह: घमासान से निपटने की कवायद में मंत्री और विधायक दिल्ली तलब, 3 सदस्यीय कमेटी करेगी वन... - Dainik Bhaskar

  • Hindi News
  • Local
  • Punjab
  • Captain Sidhu Dispute: In An Exercise To Deal With The Turmoil Of Punjab Congress, The Ministers And MLAs Have Been Summoned To Delhi, 3 member Committee Will Do One to one

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

चंडीगढ़एक घंटा पहले

  • कॉपी लिंक
पंजाब के मुख्यमंंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और विधायक नवजोत सिंह सिद्धू के बीच लंबे समय से खींचतान चली आ रही है। - Dainik Bhaskar

पंजाब के मुख्यमंंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और विधायक नवजोत सिंह सिद्धू के बीच लंबे समय से खींचतान चली आ रही है।

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और उन्हीं की कैबिनेट के मंत्री रह चुके नवजोत सिंह सिद्धू में चल रही तनातनी से निपटने की कवायद शुरू हो चुकी है। इसके लिए पार्टी ने तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। साथ ही सूबे के मंत्री-विधायकों को दिल्ली तलब किया गया है। सिद्धू समेत सूबे के 25 मंत्री-विधायक दिल्ली पहुंच गए हैं। सोमवार से इनके साथ विशेष कमेटी एक-एक कर बात करेगी। बाकी मंत्रियों और विधायकों से कमेटी मंगलवार को मिलेगी।

तीन सदस्यीय कमेटी में खड़गे, अग्रवाल और रावत शामिल
कांग्रेस में चल रही इस अंतरकलह को खत्म करने के लिए बनाई गई कमेटी में मल्लिकार्जुन खड़गे, जय प्रकाश अग्रवाल और हरीश रावत हैं। यह कमेटी कांग्रेस नेताओं के साथ बैठक करके उनका फीडबैक लेगी। यह बैठक तीन हिस्सों में होगी। एक हिस्से में मंत्री और विधायक हैं। दूसरे हिस्से में पार्टी के सांसद, राज्यसभा सदस्य और प्रदेश प्रधान हैं और तीसरे चरण में कमेटी मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से भी बात कर सकती है। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि कमेटी मुख्यमंत्री के साथ कब बैठक करेगी।

इससे पहले ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के दफ्तर में होने वाली सोमवार को पहले चरण की बैठक के लिए नवजोत सिंह सिद्धू समेत 10 विधायक रविवार शाम को ही दिल्ली पहुंच गए थे। यह अलग बात है कि सिद्धू को पहले दिन मिलने वाले विधायकों की लिस्ट में शामिल नहीं किया गया है। सिद्धू मंगलवार को कमेटी के सामने पेश होंगे। इस दिन 8 मंत्री और बाकी के विधायक कमेटी के सामने पेश होंगे।

पंजाब में कांग्रेस के 80 विधायक हैं। वहीं, पार्टी ने मंत्रियों और विधायकों को बुलाने में भी संतुलन बनाने की कोशिश की है। कमेटी ने एक जोन के विधायकों को एक बार में नहीं बुलाया, बल्कि माझा, दोआबा और मालवा के विधायकों को एक साथ बुलाया है, ताकि हरेक जोन का सही फीडबैक कमेटी तक पहुंचे।

आज की लिस्ट में हैं इन मंत्री-विधायकों के नाम
सोमवार को पहले चरण की बैठक में शामिल होने वाले कैबिनेट मंत्रियों में ब्रह्म मोहिंद्रा, मनप्रीत बादल, ओपी सोनी, साधु सिंह धर्मसोत, सुंदर शाम अरोड़ा, अरुणा चौधरी, सुखजिंदर रंधावा, बलबीर सिंह सिद्धू शामिल हैं।

इस बैठक में स्पीकर राणा केपी सिंह और विधायकों में राणा गुरजीत सिंह, रणदीप सिंह नाभा, संगत सिंह गिलजियां, गुरकीरत कोटली, कुलजीत नागरा, पवन आदिया, राजकुमार वेरका, इंदरबीर बुलारिया, सुखविंदर सिंह डैनी, सुरजीत धीमान, अजायब सिंह भट्टी, अमरिंदर सिंह राजा वडिंग, अंगद सिंह, सुखपाल भुल्लर भी शामिल हैं।

इसलिए बिगड़ी बात
2015 के गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी की घटना के बाद कोटकपूरा में धरने पर बैठे लोगों पर हुई फायरिंग को लेकर पंजाब सरकार ने SIT बनाई थी। पिछले महीने हाईकोर्ट ने इस SIT और उसकी रिपोर्ट को खारिज कर दिया था। इसके बाद कांग्रेस में खासी खींचतान शुरू हो गई। कांग्रेस के एक धड़े ने यह आरोप लगाया कि एडवोकेट जनरल ने कोर्ट में सही ढंग से केस को पेश नहीं किया, जबकि नवजोत सिंह सिद्धू इस मसले को लेकर लगातार मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पर हमला बोलते आ रहे हैं।

पंजाब सरकार और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा, चरणजीत सिंह चन्नी, नवजोत सिंह सिद्धू, राज्यसभा सदस्य प्रताप सिंह बाजवा, सांसद रवनीत बिट्टू एकजुट हो गए। इसके बाद विधायक परगट सिंह, सुरजीत सिंह धीमान ने भी सरकार की कारगुजारी पर सवाल खड़े किए।

हाल ही में 26 मई को किसान आंदोलन के 6 माह पूरे होने पर एक ओर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने किसान संगठनों से प्रदर्शन नहीं करने की अपील की थी, वहींं इसके उलट नवजोत सिद्धू ने पटियाला और अमृतसर स्थित अपने घर पर कृषि कानूनों के विरोध में काले झंडे फहराए थे।

खबरें और भी हैं...

Adblock test (Why?)


पंजाब कांग्रेस में कलह: घमासान से निपटने की कवायद में मंत्री और विधायक दिल्ली तलब, 3 सदस्यीय कमेटी करेगी वन... - Dainik Bhaskar
Read More

पंजाब में राजनीतिक घमासान, कांग्रेस के 26 विधायक पहुंचे दिल्ली; अमरिंदर के खिलाफ बुलंद हो सकती है आवाज - News18 इंडिया

 पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह के खिलाफ मोर्चा बन सकता है.

पंजाब के सीएम अमरिंदर सिंह के खिलाफ मोर्चा बन सकता है.

पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह भी उस समिति से मुलाकात कर सकते हैं जिससे नवजोत सिंह सिद्धू समेत 26 विधायक मिलेंगे.

  • Share this:

चंडीगढ़. कोविड संकट का मुकाबला कर रहे पंजाब (Punjab) में अब राजनीतिक घमासान भी शुरू हो गया है. राज्य में विधानसभा चुनाव (Punjab Assmebly Election 2021) होने में कुछ ही महीनों का वक्त रह गया है ऐसे में यह घमासान कांग्रेस को नुकसान पहुंचा सकता है. एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया है कि कांग्रेस के कम से कम 26 विधायक दिल्ली पहुंच गए हैं. ये सभी एक समिति से मुलाकात करेंगे. बता दें विधायक नवजोत सिंह सिद्धू भी पार्टी के उन नेताओं में शामिल होंगे जो मंगलवार को दिल्ली में पार्टी की तीन सदस्यीय समिति से मुलाकात करेंगे. कांग्रेस सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी. पंजाब कांग्रेस इकाई में जारी अंदरूनी कलह को सुलझाने के लिए इस समिति का गठन किया गया है.

पार्टी नेताओं के एक धड़े ने वर्ष 2015 में फरीदकोट के कोटकपुरा में बेअदबी मामले के बाद हुई गोलीबारी की घटना में की गई कार्रवाई को लेकर असंतोष जाहिर किया था, जिसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पार्टी की तीन सदस्यीय समिति गठित की थी.

कमेटी से मिल सकते हैं कौन से नेता?

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा पिछले महीने कोटकपुरा गोलीबारी मामले में जांच रद्द किए जाने के बाद सिद्धू लगातार इस मामले से निपटने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की आलोचना कर रहे हैं.

सूत्रों ने बताया कि पंजाब के मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा समेत 26 विधायक सोमवार को दिल्ली में समिति से मुलाकात करेंगे. उन्होंने कहा कि अमृतसर पूर्व से विधायक नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब के अन्य पार्टी नेताओं में शामिल होंगे जो मंगलवार को समिति से मिलेंगे. वहीं एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि गोलीकांड के अलावा कांग्रेस नेता अमरिंदर की शिकायत करने के लिए भी सामिति से मुलाकात करेंगे. विधायकों का आरोप है कि चुनावी वादे नहीं पूरे किए गए. दूसरी ओर सूत्रों ने बताया कि मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह भी समिति से मुलाकात कर सकते हैं. (भाषा इनपुट के साथ)

Adblock test (Why?)


पंजाब में राजनीतिक घमासान, कांग्रेस के 26 विधायक पहुंचे दिल्ली; अमरिंदर के खिलाफ बुलंद हो सकती है आवाज - News18 इंडिया
Read More

कोरोना वायरस का कोई स्‍वाभाविक पूर्वज नहीं, चीन की वुहान की लैब से निकला: शोध - Navbharat Times

यूपी में 6 और जिलों में कोरोना कर्फ्यू में ढील, अब सिर्फ 14 शहरों में रहेगी सख्ती - Hindustan

यूपी में 6 और जिले कोरोना कर्फ्यू से मुक्त हो गए। बिजनौर, मुरादाबाद, देवरिया,बागपत, प्रयागराज, सोनभद्र ज़िलों में आज कुल एक्टिव केस 600 से नीचे आ गए हैं। इन सभी जिलों में वीकेंड और नाइट कर्फ्यू लागू रहेगा। अब आंशिक कोरोना कर्फ्यू सिर्फ यूपी के 14  जिलों में ही रहेगा।

इससे पहले रविवार को योगी सरकार की जारी नई गाइडलाइन में 55 जिलों में कोरोना कर्फ्यू में छूट दी गई। गाइडलाइन में कहा गया कि 1 जून से यूपी के 600 केस से नीचे में जिलों में सुबह 7 से शाम 7  बजे तक कोरोना कर्फ्यू में कुछ शर्तों के साथ ढील दी जाएगी। शनिवार-रविवार साप्ताहिक बंदी के साथ नाइट कर्फ्यू जारी रहेगा।  

इन्हें मिलेगी छूट
गाइडलाइन के अनुसार सब्जी मंडी पहले की तरह खुली रहेंगी। रेस्टोरेंट्स होम डिलीवरी की केवल अनुमति दी जाएगी। सेंट जॉन को छोड़कर शेष स्थानों में धर्म स्थलों के अंदर एक बार में एक स्थल पर पांच से अधिक श्रद्धालु को अनुमति नहीं मिलेगी। अंडे मांस और मछली की दुकानों को पर्याप्त साफ-सफाई तथा सैनिटाइजेशन का ध्यान रखते हुए बंद स्थान या ढके होने पर खोलने की अनुमति दी गई है। इसके अलावा पूरे प्रदेश में गेहूं क्रय केन्द्र और राशन की दुकानें खुली रहेंगी। कोचिंग संस्थान, सिनेमा, जिम स्वीमिंग पूल क्लब एवं शॉपिंग मॉल पूरी तरह बंद रहेंगे।

इन जिलों में अभी भी पाबंदी

योगी सरकार की गाइडलाइन के अनुसार मेरठ, लखनऊ, सहारनपुर, वाराणसी, गाजियाबाद, गोरखपुर, मुजफ्फरनगर, बरेली, गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, झांसी, लखीमपुर खीरी , जौनपुर, गाजीपुर जिलों में एक दिन पहले 600 से अधिक केस मिले हैं। इनमें से कुछ जिले ऐसे हैं जहां पर दो हजार से ज्यादा एक्टिव केस हैं। इसके चलते इन जिलों में कोरोना कर्फ्यू को बरकरार रखा गया है। 

Adblock test (Why?)


यूपी में 6 और जिलों में कोरोना कर्फ्यू में ढील, अब सिर्फ 14 शहरों में रहेगी सख्ती - Hindustan
Read More

'हां, ये सही है लेकिन क्या मुल्क में यही चलता रहेगा...', ASI रिपोर्ट पर बोले प्रोफेसर इरफान हबीब - Aaj Tak

ज्ञानवापी परिसर की ASI सर्वे रिपोर्ट को लेकर हिंदू पक्ष ने कई दावे किए हैं. गुरुवार को वकील विष्णु शंकर जैन ने रिपोर्ट सार्वजनिक की. उन्हों...