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Tuesday, June 1, 2021

UP Board 12th Exam 2021: यूपी बोर्ड की इंटर परीक्षा भी होगी रद, CM योगी आदित्यनाथ जल्द लेंगे निर्णय - दैनिक जागरण

लखनऊ [राज्य ब्यूरो]। UP Board 12th Exam 2021: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की 12वीं परीक्षा भी रद हो गई है। अब उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की इंटरमीडिएट परीक्षा भी रद होने के पूरे आसार हैं। वजह, सीबीएसई परीक्षा का निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द ही इस संबंध में बैठक करके निर्णय लेंगे। वैसे यूपी बोर्ड ने मई माह में ही इंटर के परीक्षार्थियों को प्रमोट करने की तैयारियां कर रखी हैं। यूपी बोर्ट के सचिव ने 22 मई को ही सभी कॉलेजों से कक्षा 12 की प्रीबोर्ड और 11 की छमाही व वार्षिक परीक्षा के अंक मांगे थे, 28 मई तक अधिकांश स्कूल छात्र-छात्राओं के अंक का ब्योरा भेज चुके हैं।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कहा कि प्रधानमंत्री ने कोविड संक्रमण के दृष्टिगत सीबीएसई की 12वीं बोर्ड परीक्षा रद करने का निर्णय लिया है। इसके लिए उन्होंने सभी छात्रों व अभिभावकों की ओर से प्रधानमंत्री को आभार व्यक्त किया। सीएम योगी ने कहा कि यह निर्णय देश भर के छात्रों की स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में बढ़ाया गया महत्वपूर्ण कदम है। उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने प्रधानमंंत्री नरेद्र मोदी के निर्णय का आभार जताते हुए कहा कि उनके लिए हमेशा से ही बच्चों का भविष्य व स्वास्थ्य पहली प्राथमिकता रहे हैं। कोरोना काल की परिस्थितियों को देखते हुए बच्चों के हित में लिए गए इस निर्णय से न केवल बच्चों को बल्कि उनके अभिभावकों को भी राहत मिलेगी।

उप मुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि केद्र व राज्य सरकार अपने नागरिकों को कोरोना महामारी से सुरक्षित करने के लिए हर संभव कदम उठा रही हैं। आज का निर्णय उसी दिशा में लिया गया कदम है। उत्तर प्रदेश की सरकार पूर्व में ही कक्षा 6 से लेकर कक्षा 11 की परीक्षा को रद कर विद्यार्थियों को प्रोन्नत करने का निर्णय  चुकी है। प्रधानमंंत्री द्वारा सीबीएसई की कक्षा 12 की परीक्षा के बारे में लिए गए निर्णय के बाद प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की कक्षा 12 की परीक्षा के बारे में मुख्यमंत्री के साथ बैठक करने के बाद शीघ्र ही निर्णय लिया जाएगा। मालूम हो कि यूपी बोर्ड हाईस्कूल की परीक्षाएं पहले ही रद कर विद्यार्थियों को कक्षा 11वीं में प्रोन्नत किया जा चुका है। हाईस्कूल के 29.9 लाख विद्यार्थियों की प्रोन्नति पर मुहर लग चुकी है। अब इंटरमीडिएट के 26.10 लाख विद्यार्थियों को प्रोन्नति का तोहफा जल्द दिया जा सकता है।

सीबीएसई व यूपी बोर्ड का पाठ्यक्रम लगभग समान : सीबीएसई ने पहले निर्णय लिया कि इस वर्ष हाईस्कूल की परीक्षा नहीं होगी, परीक्षार्थी अगली कक्षा में प्रमोट होंगे। अब इंटर की परीक्षा भी रद कर दी गई है। सीबीएसई व यूपी बोर्ड का पाठ्यक्रम लगभग समान है लेकिन, दोनों की परीक्षाओं की सूचना देने में अंतर रहा है। सीबीएसई में मासिक टेस्ट के अलावा छमाही व वार्षिक परीक्षा का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन है। केंद्रीय बोर्ड छात्र-छात्राओं के प्रदर्शन के आधार पर हाईस्कूल में आसानी से प्रमोट कर सकता है। वहीं, यूपी बोर्ड में कक्षा 9वीं की अर्धवार्षिक व वार्षिक परीक्षा का रिकॉर्ड बोर्ड मुख्यालय नहीं भेजा जाता था। इस बार प्री बोर्ड यानी हाईस्कूल व इंटर परीक्षा से पहले स्कूल स्तर की परीक्षा फरवरी में कराई गई थी लेकिन, उसका रिकॉर्ड बोर्ड के पास नहीं था।

यूपी बोर्ड कॉलेज से पहले ही मांग चुका है रिकॉर्ड : यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल परीक्षा रद करने से पहले ही वित्तविहीन, राजकीय व अशासकीय कॉलेजों से पहले नवीं और हाईस्कूल में प्रीबोर्ड व छमाही का रिकार्ड मांगा गया था। उसी दौरान 22 मई को बोर्ड सचिव दिव्यकांत शुक्ल ने कक्षा 12 की फरवरी में हुई प्रीबोर्ड परीक्षा का रिकॉर्ड मांगा गया। इंटर के सभी संस्थागत व व्यक्तिगत परीक्षार्थियों की कक्षा 11वीं की छमाही व वार्षिक परीक्षा का पूर्णांक व प्राप्तांक और कृषि भाग एक के परीक्षार्थियों का कक्षा 11 की छमाही के अंक मांगे गए थे। बोर्ड सचिव ने जिला विद्यालय निरीक्षकों से 28 मई की शाम तक वेबसाइट पर अंक अपलोड करने का निर्देश दिया था, यह कार्य पूरा किया जा चुका है। संभव है कि सीबीएसई की तर्ज पर यूपी बोर्ड भी 12वीं की परीक्षा रद करके परीक्षार्थियों को प्रोन्नत कर दे।

मायावती ने किया स्वागत : बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी सीबीएसई बोर्ड की इंटरमीडिएट की परीक्षाएं रद किए जाने का स्वागत किया है। उन्होंने ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया। मायावती ने अपने ट्वीट में लिखा- देश में कोरोना महामारी के चलते बच्चों व बच्चियों की सेहत व सुरक्षा आदि को खास ध्यान में रखकर केंद्र सरकार द्वारा सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा रद करने के लिए गए फैसले का बीएसपी स्वागत करती है, क्योंकि छात्रों व अभिभावकों आदि के साथ-साथ यही समय की मांग भी थी।

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तल्खी: हिदायत के बाद भी सिद्धू तेवर में दिखे, कैप्टन आज कमेटी से मिलेंगे - अमर उजाला - Amar Ujala

अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: Jeet Kumar Updated Wed, 02 Jun 2021 03:18 AM IST

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विस्तार

कांग्रेस नेतृत्व की ओर से पंजाब के घमासान के लिए गठित कमेटी ने दूसरे दिन भी दो दर्जन से अधिक विधायकों के अलावा सांसदों और नेताओं से मुलाकात कर उनकी शिकायत दर्ज की।
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हालांकि पहले दिन उच्च स्तरीय कमेटी की नेताओं को बयानबाजी से परहेज की हिदायत का नवजोत सिंह सिद्धू पर कोई फर्क नहीं पड़ा। बुधवार को मुख्यमंत्री कमेटी के सदस्यों से मिलकर अपनी बात रखेंगे। उसके बाद कमेटी कांग्रेस अध्यक्ष को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

कमेटी के सामने अपनी बात रखने के बाद बाहर आए सिद्धू के वही तेवर दिखे जो लंबे समय से मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ रहे हैं। दूसरे दिन 25 से अधिक नेता जिसमें अधिकतर विधायक थे अपनी शिकायत दर्ज कराने पहुंचे। मंगलवार को नवजोत सिंह सिद्धू भी कमेटी के सदस्यों से रूबरू हुए। मुलाकात के बाद बाहर मीडिया में सिद्धू के तेवर वैसे ही थे जैसे पंजाब में।

साफ है कि सिद्धू जो करीब दो साल से मुख्यमंत्री के खिलाफ बगावत पर उतारू हैं इस बार आरपार की लड़ाई और नेतृत्व की ओर से अंतिम फैसला चाहते हैं। तभी उन्होंने कहा,  हाईकमान के बुलावे पर मैं पंजाब की आवाज पहुंचाने आया हूं। मेरा जो स्टैंड था वही रहेगा।

उनका कहना है कि योद्धा वही है जो रण के अंदर जूझे। सत्य प्रताड़ित हो सकता है लेकिन पराजित नहीं। सिद्धू ने इशारों में कैप्टन सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, पंजाब की जीत होगी। पंजाब के लोगों ने लोकतांत्रिक ताकत सरकार को दी है। टैक्स जो सरकार को जाता है वो लौटकर लोगों तक पहुंचे। पंजाब के सच और हक की आवाज हमने बुलंदी से बताई है पंजाब ही जीतेगा।


कैप्टन के समर्थक विधायक भी पहुंचे
दूसरी ओर कैप्टन के समर्थन में भी विधायकों का गुट सक्रिय है जिसने सिद्धू के बड़बोलेपन, अनुशासनहीनता और वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा की शिकायत की है। बेअंत सिंह के परिवार से विधायक गुरकीरत सिंह कोटली ने कहा, सिद्धू को इतनी जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए। पार्टी में नेताओं के बीच कोई टेंशन नहीं है। सबके अलग विचार हो सकते हैं अपनी बात कहने का लोकतांत्रिक अधिकार है। मीडिया में अलग अलग बातें पार्टी को कमजोर करती हैं।

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Corona: भारत में मिला स्ट्रेन कहलाएगा 'डेल्टा', WHO ने दिए कोविड वैरिएंट्स को नाम - Aaj Tak

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मेहुल चोकसी बना दो देशों के पीएम की मुसीबत, लग रहे भारत संग मिलीभगत के आरोप - Hindustan

भारत में हजारों करोड़ रुपये के पीएनबी घोटाले में वांछित हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी को लेकर अब एंटीगुआ और डोमिनिका के प्रधानमंत्रियों पर भी आरोप लगने शुरू हो गए हैं। डोमिनिका की कोर्ट को 2 जून यानी बुधवार को चोकसी के मामले में सुनवाई करनी है। इससे पहले डोमिनिका के पीएम रूजवेल्ट स्केरिट पर देश के विपक्षी राजनेताओं ने आरोप लगाया है कि वह भगोड़े चोकसी को भारत वापस भेजने की साजिश का हिस्सा हैं।

डोमिनिका की संसद में विपक्ष के नेता लेनक्स लिंटन ने मांग की है कि मेहुल चोकसी को किन परिस्थितियों में डोमिनिका लाया गया, इसकी भी पूरी जांच हो। उन्होंने यह भी कहा कि मेहुल चोकसी का यूं पकड़े जाना डोमिनिका, एंटीगुआ और भारत की मिलीभगत का हिस्सा है। उन्होंने चोकसी के प्रत्यर्पण को अमानवीय और कानून के शासन के खिलाफ बताया।

बता दें कि भारतीय हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी एंटीगुआ और बारबुडा से बीती 25 मई को लापता हो गया था, लेकिन इसके बाद पिछले हफ्ते मंगलवार को उसे डोमिनिका की पुलिस ने अवैध रूप से देश में घुसने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था। एंटीगुआ और डोमिनिका के बीच मुश्किल से 200 किलोमीटर की दूरी है।

पीएम स्केरिट से पहले एंटीगुआ के प्रधानमंत्री गैस्टन ब्राउन पर भी आरोप लगे थे। एंटीगुआ के विपक्ष का कहना था कि चोकसी के देश से गायब होने के पीछे पीएम ब्राउन की भूमिका है। गैस्टन ब्राउन कई बार यह कह चुके हैं कि डोमिनिका चोकसी को वापस एंटीगुआ भेजने की बजाय उसे भारत प्रत्यर्पित कर दे।

सोमवार को डोमिनिका की मुख्य विपक्षी पार्टी ने बयान जारी कर पीएम स्केरिट पर एंटीगुआ के पीएम संग मिलीभगत करने का आरोप लगाया है। साथ ही इस पूरे घटनाक्रम को डोमिनिका की छवि पर दाग बताया है। 

चोकसी के वकील ने दावा किया था कि भारतीय और एंटीगुआ के अधिकारी उसका अपहरण कर के डोमिनिका लाए थे। सोमवार को चोकसी के वकील विजय अग्रवाल ने यह भी कहा कि मेहुल को शायद उस महिला ने हनीट्रैप किया, जिसके संपर्क में वह पिछले 6 महीने से था। चोकसी को जब अगवा किया गया तो वह उसी महिला के घर गया हुआ था। यहां से उसे एक जहाज पर डोमिनिका ले जाया गया।

फिलहाल ईस्टर्न कैरेबियन सुप्रीम कोर्ट चोकसी की याचिका पर सुनवाई कर रही है। बुधवार को इस मामले में अगली सुनवाई होनी है।

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CBSE के बाद CISCE और हरियाणा बोर्ड की भी 12वीं की परीक्षाएं रद्द - Zee News Hindi

नई दिल्ली: मंगलवार का दिन 12वीं बोर्ड की परीक्षा का इंतराज कर रहे लाखों छात्रों के लिए राहत भरा रहा. CBSE के बाद CISCE और फिर हरियाणा बोर्ड (Haryana Board) ने एक के बाद एक कक्षा 12वीं की परीक्षाएं रद्द करने का ऐलान कर दिया. CISCE ने कहा कि कोविड-19 की स्थिति को देखते हुए इस साल 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय किया गया है. यह जानकारी बोर्ड के चेयरमैन डॉ जी इमैनुएल ने दी.

उन्होंने कहा, ‘परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है. वैकल्पिक आकलन मानकों की जल्द घोषणा की जाएगी.’

काउंसिल फॉर इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशंस (CISCE) का निर्णय CBSE बोर्ड की परीक्षाओं को रद्द करने की तर्ज पर लिया गया है. CBSE परीक्षाओं का रद्द करने का निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की अध्यक्षता में हाई लेवल मीटिंग के दौरान लिया गया.

ये भी पढ़ें- CBSE छात्रों के लिए बड़ा फैसला, नहीं होंगी 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 

प्रधानमंत्री ने कहा कि छात्रों के हित में यह निर्णय किया गया है और छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों की चिंताओं का अंत किया जाना जरूरी है.

बता दें कि CISCE ने पिछले हफ्ते स्कूलों से छात्रों के 11वीं कक्षा और इस सत्र के दौरान 12वीं कक्षा में प्राप्त अंकों का औसत मुहैया कराने के लिए कहा था. परीक्षाएं चार मई से होने वाली थीं. 

हरियाणा बोर्ड ने भी रद्द कीं 12वीं कक्षा की परीक्षाएं

केंद्र सरकार द्वारा CBSE की 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं रद्द करने का ऐलान किए जाने के कुछ ही देर बाद हरियाणा सरकार ने भी 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं रद्द कर दीं. राज्य के शिक्षा मंत्री कंवर पाल ने कहा, 'हमने भी राज्य में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षाएं रद्द करने का निर्णय लिया है. हम केंद्र द्वारा लिए गए फैसले के साथ हैं और बोर्ड परीक्षाएं रद्द करने का फैसला किया है.'

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उत्तर भारत में झमाझम मॉनसूनी बारिश के आसार, जानें दिल्ली-यूपी समेत इन राज्यों के मौसम का हाल - Hindustan

भारत के उत्तर पश्चिम राज्यों में इस बार मानसूनी बारिश अच्छी होने के आसार हैं। मौसम विभाग ने मंगलवार को मानसून को लेकर दूसरा पूर्वानुमान जारी करते हुए यह बात कही। इसमें कहा गया है कि देश के उत्तर पूर्वी हिस्से में इस बार सामान्य से थोड़ी कम बारिश हो सकती है। इसका मतलब है कि दिल्ली, यूपी, पंजाब और राजस्थान समते अन्य इलाकों में अच्छी बारिश होगी।

मौसम विभाग के महानिदेशक डा. एम. महापात्र ने कहा कि देश में मानसन सामान्य रहेगा। जून से सितंबर के चार महीनों के दौरान सामान्य के 96-104 फीसदी बारिश होने की संभावना है। चार महीनों की सामन्य बारिश 88 सेंटीमीटर होती है। इस प्रकार मानसून देश भर में सामान्य रहेगा। लेकिन दूसरी भविष्यवाणी में देश के चार हिस्सों के लिए अलग-अलग पूर्वानुमान जारी किए गए हैं। 

इसमें कहा गया है कि उत्तर-पश्चिम राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा तथा राजस्थान आदि में बारिश 92-108 फीसदी के बीच होगी। उत्तर-पश्चिम भारत में आमतौर पर बारिश राष्ट्रीय औसत से कम होती है। लेकिन इस बार का पूर्वानुमान के संकेत दे रहे हैं कि यह राष्ट्रीय औसत के अनुरूप हो सकती है जो कि 88 सेंटीमीटर है।  

इस प्रकार दक्षिणी हिस्से में बारिश 93-107 फीसदी, मध्य भारत में 106 फीसदी तथा पूर्वोत्तर भारत में 95 फीसदी बारिश होने की संभावना है। इस पूर्वानुमान में पूर्वोत्तर हिस्से में ही कम बारिश की संभावना व्यक्त की गई है लेकिन पूर्वोत्तर में सामान्य बारिश का औसत देश के दूसरे हिस्सों से ज्यादा है, इसलिए वहां बारिश थोड़ी कम होने के बावजूद कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

विभाग ने कहा कि पूर्वानुमान में माडलीय त्रुटि चार फीसदी होती है। यह कम या ज्यादा दोनों दिशा में हो सकती है। बता दें कि मौसम विभाग ने तीन जून को मानसून के केरल पहुंचने की संभावना व्यक्त की है। हालांकि केरल में मानसून के पहुंचने की सामान्य तिथि एक जून है। 

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तीखी हुई पंजाब कांग्रेस में जंग, अपने स्टैंड पर कायम सिद्धू, परसों दिल्ली आएंगे CM - News18 हिंदी

नवजोत सिंह सिद्धू और कैप्टन अमरिंदर के बीच जारी राजनीतिक जंग रुकने का नाम नहीं ले रही है. (फाइल फोटो)

नवजोत सिंह सिद्धू और कैप्टन अमरिंदर के बीच जारी राजनीतिक जंग रुकने का नाम नहीं ले रही है. (फाइल फोटो)

पंजाब कांग्रेस में जारी कैप्टन अमरिंदर बनाम नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Siddhu) का झगड़ा और तीखा हो गया है. सोनिया गांधी द्वारा बनाई गई कमेटी से मिलने के बाद सिद्धू ने अपने तीखे तेवर बरकरार रखे और कहा कि पंजाब की सच्चाई उन्होंने बुलन्द आवाज में आलाकमान तक पहुंचा दी है.

  • Last Updated: June 1, 2021, 9:07 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली में कांग्रेस कमेटी (Congress Committee) के सामने पेश हुए नवजोत सिंह सिद्धू (Navjot Singh Siddhu) के पंजाब सीएम कैप्टन अमरिंदर (Captain Amarinder Singh) के खिलाफ बागी तेवर बरकरार रहे. सूत्रों के मुताबिक नवजोत सिंह सिद्धू ने यह साफ कहा कि अगर अगले चुनाव में कैप्टन ही चेहरा होंगे तो चुनाव जीतना मुश्किल होगा. सूत्रों का यह भी दावा है कि नवजोत सिंह सिद्धू प्रदेश अध्यक्ष बनना चाहते हैं, जिसके जरिए अगले मुख्यमंत्री के लिए अपना दावा ठोक सकें. सिद्धू के साथ पूर्व अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा भी कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं.

दरअसल अब पंजाब कांग्रेस में जारी कैप्टन अमरिंदर बनाम नवजोत सिंह सिद्धू का झगड़ा और तीखा हो गया है. सोनिया गांधी द्वारा बनाई गई कमेटी से मिलने के बाद सिद्धू ने अपने तीखे तेवर बरकरार रखे और कहा कि पंजाब की सच्चाई उन्होंने बुलन्द आवाज में आलाकमान तक पहुंचा दी है. नवजोत सिंह सिद्धू ने बाहर निकलकर अपने अंदाज में  कहा कि जो स्टैंड था, वही है और वही रहेगा. दरअसल सूत्रों के मुताबिक सिद्धू न सिर्फ खुद प्रदेश अध्यक्ष बनना चाहते हैं बल्कि अगला चुनाव भी कैप्टन के चेहरे पर नहीं लड़ने की बात कह रहे हैं.

विधायक परगट सिंह ने भी कैप्टन अमरिंदर सिंह पर निशाना साधा

सिद्धू के अलावा कमेटी के सामने अपनी बात रखने वालों में विधायक परगट सिंह ने भी कैप्टन अमरिंदर सिंह पर निशाना साधा. दरअसल ये नेता गुरु ग्रंथ साहब की बेअदबी और ड्रग्स के मामले में बादल परिवार पर कार्रवाई ना होने की बात कह रहे हैं लेकिन अंदर खाने यह लड़ाई कुर्सी की है. गुरुवार को मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भी दिल्ली आएंगे और कमेटी से मुलाकात करेंगे.

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