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Saturday, March 26, 2022

दिल्लीः कल से शुरू हो जाएंगी इंटरनेशनल फ्लाइट्स, जानिए क्या हैं नई गाइडलाइंस - Aaj Tak

स्टोरी हाइलाइट्स

  • विमान में सभी को मास्क पहनना अनिवार्य होगा
  • कोरोना संक्रमण में गिरावट के बाद लिया फैसला

देश में कोरोना संक्रमण के केस कम होने पर केंद्र सरकार की ओर से इंटरनेशनल फ्लाइट्स को एक बार फिर से संचालित करने का निर्णय लिया गया है. बता दें कि 27 मार्च 2022 से यह सेवा शुरू हो जाएगी. हालांकि कोविड के नियमों का पालन करना होगा.

बता दें कि कोरोना संकट की वजह से पिछले दो वर्षों से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों (International Flights) पर रोक लगी थी. लेकिन कल से ये पाबंदी खत्म हो जाएगी. सभी पहलुओं की समीक्षा के बाद सरकार ने अंतरराष्ट्रीय यात्री विमान सेवा (International Commercial Passenger Services) बहाल करने का फैसला लिया है

ये हैं नई गाइडलाइंस

- COVID19 के दिशा-निर्देशों के अनुसार InternationalFlights पर 3 सीटों को खाली रखने का प्रतिबंध हटा दिया गया है.
-कोरोना के मामलों में कमी आने पर अब चालक दल के सदस्यों के लिए एक पूर्ण पीपीई किट की आवश्यकता खत्म कर दी गई है.
- हवाई अड्डे पर सुरक्षा कर्मियों द्वारा की गई पैट-डाउन तलाशी फिर से शुरू की जाएगी.
-हवाई अड्डे या विमान में मास्क पहनना अनिवार्य होगा.

कब शुरू हुई थीं कॉमर्शियल फ्लाइट्स

बता दें, नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने बढ़ते कोरोना के मामले को रोकने के लिए 23 मार्च, 2020 से भारत से अंतरराष्ट्रीय कॉमर्शियल यात्री विमान सेवाओं के संचालन को निलंबित कर दिया था. लेकिन अब वैक्सीनेशन कार्यक्रम में तेजी और कोरोना के मामलों में गिरावट के बाद सरकार अंतरराष्ट्रीय विमान सेवा को बहाल करने का फैसला लिया है.

ये कहा नागरिक उड्डयन मंत्री ने


गौरतलब है कि नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हाल ही में कहा था कि उन्हें अगले दो महीनों में एयरलाइन ट्रैफिक प्री-कोविड लेवल तक पहुंचने की उम्मीद है. साथ ही उन्होंने कहा था कि इस जुड़े सभी स्टेक होल्डर्स से बातचीत की जा रही है, ताकि अंतरराष्ट्रीय विमान सेवा को पूर्ण रूप से बहाल किया जा सके.

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दो दिन के भारत बंद का ऐलान, बैंकों के कर्मचारी संगठन भी होंगे शामिल, सेवाओं पर पड़ेगा बुरा असर - NDTV India

दो दिन के भारत बंद का ऐलान, बैंकों के कर्मचारी संगठन भी होंगे शामिल, सेवाओं पर पड़ेगा बुरा असर

Bharat Bandh Today : केंद्र की नीतियों के खिलाफ बैंकों और मजदूर संगठनों की हड़ताल

नई दिल्ली:

ट्रेड यूनियनों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ दो दिन के भारत बंद का ऐलान किया है. बैंक यूनियनों ने इस भारत बंद और हड़ताल में शामिल होने का फैसला किया है. उनका कहना है कि सरकारी बैंकों के निजीकरण और बैंकिंग कानून अधिनियम 2021 को लेकर वो विरोध प्रदर्शन करेंगे. स्टेट बैंक ने ग्राहकों को सूचना दी है कि बैंकिंग सेवाएं 28-29 मार्च को प्रभावित रहेंगी.सेंट्रल ट्रेड यूनियनों के ज्वाइंट फोरम ने सोमवार औऱ मंगलवार को सरकार की नीतियों को कर्मचारी विरोधी बताते हुए इस राष्ट्र व्यापी हड़ताल का आह्वान किया है. ऑल इंडिया बैंक एंप्लायीज एसोसिएशन (All India Bank Employees Association ) ने इस हड़ताल का समर्थन किया है. इन कर्मचारी संगठनों ने 22 मार्च को बैठक की थी. सभी राज्यों में अपनी तैयारियों का जायजा लेने के बाद दो दिन हड़ताल का ऐलान किया गया है.

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कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वो केंद्र सरकार की कर्मचारी विरोधी, किसान विरोधी, जनता विरोधी और राष्ट्र विरोधी नीतियों के खिलाफ ये हड़ताल कर रहे हैं. बैंक यूनियन सरकारी बैंकों (public sector banks) के निजीकरण को लेकर अपना विरोध जताएंगी. सरकार ने 2021 के बजट में दो और सरकारी बैंकों के प्राइवेटाइजेशन की घोषणा की थी.

बैंक में ऐसे तमाम कर्मचारी हैं, जो रिटायर होने वाले हैं, अगर वो हड़ताल में शामिल होते हैं को उनकी सेवा सुविधाओं में कोई असर नहीं पड़ेगा. कोयला, स्टील, तेल, दूरसंचार, डाक विभाग और बीमा से जुड़े कर्मचारियों के भी इस हड़ताल में शामिल होने की संभावना है. रेलवे और रक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारी संगठन बड़े पैमाने पर इस हड़ताल को सफल बनाने के लिए मुहिम में जुटे हुए हैं. 

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Earth Hour 2022: रात 8.30 बजे से दुनियाभर में एक घंटे के लिए बंद की गईं लाइटें, जानें किन- किन इमारतों की रो.. - दैनिक जागरण (Dainik Jagran)

नई दिल्ली, एजेंसियां। ऊर्जा संरक्षण पर जागरूकता बढ़ाने के लिए शनिवार को विश्व स्तर पर अर्थ आवर मनाया जा रहा है। हर साल मार्च के आखिरी शनिवार को दुनिया भर में मनाया जाने वाला अर्थ आवर सभी को रात 8:30 बजे से रात 9:30 बजे के बीच एक घंटे के लिए गैर-जरूरी बिजली बंद करने के लिए प्रोत्साहित करता है। अर्थ आवर को जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई में अधिक से अधिक लोगों को शामिल करने के लिए बनाया गया है।

राष्ट्रीय राजधानी में राष्ट्रपति भवन में अर्थ आवर मनाया गया। दुनिया भर के लोग शनिवार, 26 मार्च 2022 को रात 8:30 से 9:30 बजे के बीच प्रकृति और पृथ्‍वी के समर्थन में लाइट बंद कर देते हैं।

दिल्‍ली में अर्थ आवर शुरू होने के बाद इंडिया गेट लाइटों को बंद कर दिया गया।

अर्थ आवर शुरू होने के बाद कोलकाता के हावड़ा ब्रिज का वीडियो। दुनिया भर में लोग आज अर्थ आवर के दौरान रात 8:30 से 9:30 बजे के बीच एक घंटे के लिए लाइटें बंद कर रहे हैं।

मुंबई में अर्थ आवर के दौरान बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) बिल्डिंग की लाइटों को बंद कर दिया गया।

190 से अधिक देशों के लोग अर्थ आवर मनाने को तैयार

यह 2007 में आस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में एक लाइट-आफ इवेंट के रूप में शुरू हुआ था। 2008 में 29 मार्च को रात 8 बजे से रात 9 बजे तक 35 देशों में अर्थ आवर मनाया गया। इस साल 190 से अधिक देशों के लोग अर्थ आवर मनाने को तैयार हैं। ये सभी लोग धरती की रक्षा के लिए अपना समर्थन दिखा रहे हैं।

वर्ल्ड वाइड फंड-इंडिया ने जारी किया अर्थ आवर एंथम

इस वर्ष के आयोजन के 16वें संस्करण की थीम 'हमारे भविष्य को आकार दें' है। भारत में वर्ल्ड वाइड फंड-इंडिया (WWF) ने 'हमारी पृथ्वी' नामक अर्थ आवर इंडिया एंथम जारी किया है। इसे शांतनु मोइत्रा द्वारा संगीतबद्ध किया गया है और मोहित चौहान द्वारा गाया गया है। इस गाने में भारतीय नागरिकों से तत्काल जलवायु परिवर्तन के खतरे खिलाफ कार्रवाई की अपील की गई है।

बिजली कंपनी ने दिल्लीवासियों से गैर जरूरी लाइटें बंद करने की अपील की

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बीएसईएस (बिजली कंपनी) ने अपने 46 लाख से अधिक उपभोक्ताओं व लगभग 1.8 करोड़ निवासियों से एक सुरक्षित, निष्पक्ष और अधिक टिकाऊ भविष्य के लिए एक साथ खड़े होने का आग्रह किया है। बिजली वितरण कंपनी ने अर्थ आवर के दौरान दिल्लीवासियों से गैर जरूरी लाइटें बंद करने को कहा है।

अगली पीढ़ी के लिए बनाया जा सकता है बेहतर भविष्य

बिजली बचाने के लिए यह कदम न सिर्फ बचत का माध्यम बनता है, बल्कि इससे पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामूहिकता का भाव भी आता है। यह दिखाता है कि मिलकर प्रयास करें, तो अगली पीढ़ी के लिए बेहतर भविष्य बनाया जा सकता है।

जागरण न्‍यू मीडि‍या की पहल में आप भी शामिल हों। अर्थ आवर से जुड़ने के लिए यहां क्लिक करें

Edited By: Dhyanendra Singh Chauhan

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यूक्रेन-भारत की अजब प्रेम की गजब कहानी... रूसी हमलों से बचकर लौटीं एना बनेंगी अनुभव की दुल्‍हनिया, 'दहेज' में लाईं कॉफी मशीन - Navbharat Times

अब मोदी की जिंदगी पर वेबसाइट भी: द मोदी स्टोरी में PM से जुड़े कई अनसुने किस्से; इमरजेंसी में सिख बन गए, एक... - Dainik Bhaskar

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  • Narendra Modi Story; Mahatma Gandhi's Granddaughter Sumitra Gandhi Kulkarni Launched Modistory.in Website

दिल्ली3 घंटे पहले

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जीवन से जुड़ी वेबसाइट 'द मोदी स्टोरी' शनिवार को लॉन्च की गई। इसे महात्मा गांधी की पोती सुमित्रा गांधी कुलकर्णी ने लॉन्च किया।

इस वेबसाइट पर मोदी के जीवन से जुड़े कई किस्से मिल जाएंगे। इनमें इमरजेंसी के दौरान सिख बनना हो या फिर एक स्वयंसेवक के घर पानी के साथ रोटी खाना। बहुत कम लोग होंगे जो इन कहानियों को जानते होंगे।

इस वेबसाइट की लॉन्चिंग के फौरन बाद बीजेपी के कई नेताओं ने सोशल मीडिया पर इसका लिंक शेयर करते हुए तारीफ की। इनमें स्मृति ईरानी और ​​अनुराग ठाकुर भी शामिल हैं। कई केंद्रीय मंत्रियों ने भी 'द मोदी स्टोरी' को लेकर रिएक्शन दिया।

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने modistory.in के सोशल मीडिया अकाउंट को शेयर करते हुए मोदी की तारीफ की। कहा- इसमें मोदीजी की वह बातें हैं जो उनके मिलनसार व्यक्तित्व को दर्शाती हैं, इसमें मोदी से जुड़ी कई अनसुनी कहानियां हैं।

इस वेबसाइट में मोदी की जीवन यात्रा की तमाम बातें हैं।

इस वेबसाइट में मोदी की जीवन यात्रा की तमाम बातें हैं।

नीरज चोपड़ा का वीडियो मैसेज
वेबसाइट पर जेवेलियन थ्रो के ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा ने भी मोदी से पहली मुलाकात का अनुभव साझा किया। वीडियो मैसेज में नीरज ने कहा- जब हम मोदीजी से मिले, तब हमें ऐसा लगा ही नहीं कि हम भारत के प्रधानमंत्री से बात कर रहे हैं। उन्होंने हर खिलाड़ी से बात की। वो हमारे बारे में व्यक्तिगत रूप से काफी बातें जानते थे। उनके प्रधानमंत्री बनने के बाद देश में खेलों का स्तर काफी बेहतर हुआ है।

'द मोदी स्टोरी' में मोदी की जीवन यात्रा पर गहराई से जानकारी दी गई है। इसमें कई क्षेत्रों की मशहूर हस्तियों ने अपने अनुभव साझा किए हैं। वेबसाइट के सोशल मीडिया अकाउंट के मुताबिक- यहां मोदी से जुड़े उन तमाम लोगों की बातें और यादें शामिल की गई हैं, जो उन्हें करीब से देखा, समझा और जाना है। ये बातें वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का एक स्रोत हैं। ये उनको एक नया आत्मविश्वास देती हैं कि वे भी मोदी की तरह बन सकते हैं।

आइए देखते है इस वेबसाइट में लिखे मोदी के बचपन से जुड़े अनकहे किस्से-
सैनिक स्कूल में पढ़ना चाहते थे। उनके एक टीचर ने यह बताया। मोदी बचपन से ही संन्यासी बनना चाहते थे। बचपन से ही उन्हें संन्यासी जीवन पसंद था। एक बार तो घर ही छोड़कर चले गए थे।

मोदी एक सैनिक स्कूल में पढना चाहते थे।

मोदी एक सैनिक स्कूल में पढना चाहते थे।

आपातकाल में सिख बने
मोदी के एक पड़ोसी के मुताबिक, इमरजेंसी के दौरान मोदी ने सिखों का रूप धर लिया था। इस वजह से वो पुलिस से बच जाते थे। इसका भी एक रोचक प्रसंग है। दरअसल, मोदी एक बार सिख भेष में बाहर निकले तो एक पुलिसकर्मी उनके पास आया और पूछा, नरेंद्र मोदी कहां रहते हैं? जिस पर उन्होंने जवाब दिया, मुझे नहीं पता। आप अंदर जाकर पूछताछ कर सकते हैं।

नरेन्द्र मोदी संघ से जुड़ने के बाद लगातार सक्रिय रहे हैं।

नरेन्द्र मोदी संघ से जुड़ने के बाद लगातार सक्रिय रहे हैं।

पानी के साथ खा ली थी सूखी रोटी
गुजरात के डॉ. अनिल रावल ने 1980 के दशक में मोदी के साथ यात्रा का एक किस्सा बताया। रावल के मुताबिक- मोदी ने मुझे बताया कि एक बार एक स्वयंसेवक ने उन्हें खाने के लिए न्योता दिया। स्वयंसेवक एक झुग्गी में पत्नी और बच्चे के साथ रहता था। एक थाली में, उन्होंने मुझे आधी रोटी और एक दूध की छोटी कटोरी दी। बच्चा मां की गोद में था और दूध की कटोरी को गौर से देख रहा था। मैं समझ गया था कि दूध उसके लिए है। मैंने आधी रोटी पानी के साथ खा ली और दूध छोड़ दिया।

बेहद गरीबी में गुजरा मोदी का बचपन
6 भाई बहनों वाले परिवार में मोदी का बचपन गरीबी में गुजरा। वडनगर रेलवे स्टेशन पर उनके पिता की चाय की दुकान थी। स्कूल से लौटने के बाद मोदी पिता का हाथ बंटाते और चाय बेचा करते थे।
इसी तरह के कई और किस्से इस वेबसाइट पर मौजूद हैं।

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Friday, March 25, 2022

Petrol Diesel Rates Today: पेट्रोल और डीजल के दामों में लगी आग, पांच दिनों में चौथी बार बढ़े दाम - NDTV India

Petrol Diesel Rates Today: पेट्रोल और डीजल के दामों में लगी आग, पांच दिनों में चौथी बार बढ़े दाम 

पांच दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम चौथी बार बढ़े हैं.

नई दिल्‍ली :

Petrol Diesel Rates Today: देश में पेट्रोल और डीजल के दाम (Petrol Diesel Price) लगातार बढ़ रहे हैं. एक बार फिर दामों में इजाफा हुआ है. पेट्रोल 76 से 84 पैसे प्रति लीटर और डीजल 76 से 85 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ है. पिछले पांच दिनों में पेट्रोल और डीजल के दामों में यह चौथी बढ़ोतरी की गई है. हालांकि पांच राज्‍यों के विधानसभा चुनाव के बाद से ही दाम बढ़ने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन पेट्रोल और डीजल के दामों में महज पांच दिनों में तीन रुपये से ज्‍यादा की वृद्धि ने आम उपभोक्‍ता की चिंता को बढ़ा दिया है. 

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दिल्‍ली में पेट्रोल और डीजल की कीमत में 80-80 पैसे की वृद्धि हुई है. दिल्‍ली में अब पेट्रोल की कीमत 98.61 रुपये प्रति लीटर होगी, जो पहले 97.81 रुपये थी, जबकि डीजल की कीमत 89.07 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 89.87 रुपये हो गई है. वहीं मुंबई में पेट्रोल की कीमतें 84 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि के साथ 113.35 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 85 पैसे की बढ़ोतरी के बाद 97.55 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है, जबकि कोलकाता में पेट्रोल 83 पैसे की बढ़ोतरी के साथ 108.1 रुपये प्रति लीटर और डीजल 79 पैसे की बढ़ोतरी के बाद 93.01 रुपये प्रति लीटर है. चेन्‍नई में पेट्रोल की कीमत 76 पैसे बढ़कर 104.43 रुपये प्रति लीटर और डीजल 76 पैसे बढ़कर 94.47 रुपये प्रति लीटर हो गया है. 

देश में 22 मार्च को संशोधित दर जारी करते हुए करीब साढे़ चार महीने के लंबे अंतराल के बाद पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए गए थे. अभी तक की गई सभी चारों बढ़ोतरी 80 पैसे प्रति लीटर की है. जून 2017 में दैनिक मूल्य संशोधन शुरू होने के बाद से ये एक दिन में सबसे तेज बढ़ोतरी है.  

Petrol Diesel Prices : पेट्रोल-डीजल के दाम क्या रोज बढ़ेंगे? तेल कंपनियां अब पुराने ढर्रे पर लौटेंगी : सूत्र

उत्तर प्रदेश और पंजाब जैसे राज्यों में विधानसभा चुनाव से पहले 4 नवंबर से कीमतें स्थिर थीं. इस अवधि के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में करीब 30 अमरीकी डालर प्रति बैरल की वृद्धि हुई है. 10 मार्च को विधानसभा चुनाव मतगणना समाप्‍त होने के बाद से ही दरों में संशोधन के कयास लगाए जा रहे थे.

पेट्रोल-डीजल, सोना-चांदी के साथ इन चीजों में महंगाई से भी बढ़ेंगी आम जनता की मुश्किलें

तेल कंपनियां ने कच्चे तेल की कीमतों में नवंबर की शुरुआत में करीब 82 अमेरिकी डॉलर की तुलना में 117 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी के बावजूद रिकॉर्ड 137 दिनों के लिए पेट्रोल और डीजल की दरों में संशोधन नहीं किया था, अब उपभोक्ताओं को इसका बोझ डाल रहे हैं. 

गुड मॉर्निंग इंडिया: देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिर बढ़ीं, चार दिनों में तीसरी बार हुआ इजाफा

 
 

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चीन में पढ़ाई करने की ख्‍वाहिश रखने वाले छात्रों को यूजीसी ने किया आगाह, कहा- सोच समझकर ही लें दाखिला - दैनिक जागरण (Dainik Jagran)

यूजीसी ने चीन में पढ़ाई करने की ख्‍वाहिश रखने वाले छात्रों को आगाह करते हुए कहा है कि कई छात्र इन पाबंदियों के कारण अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए वहां नहीं जा सके हैं। इसलिए ऐसा फैसला लेने में सावधानी बरतें...

नई दिल्‍ली, एजेंसियां। चीन में पढ़ाई करने की ख्‍वाहिश रखने वाले छात्रों को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी ने आगाह किया है। समाचार एजेंसी पीटीआइ की रिपोर्ट के मुताबिक यूजीसी ने ऐसे छात्रों को चीन में जारी कोविड पाबंदियों को ध्‍यान में रखने की सलाह देते हुए कहा है कि कई छात्र इन पाबंदियों के कारण अपनी पढ़ाई जारी रखने के लिए वहां नहीं जा सके हैं। चूंकि चीनी प्राधिकारियों ने आनलाइन मोड में पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कराए जाने की बात कही है लेकिन इसे लेकर भी सतर्क रहने की दरकार है।  

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने एक सार्वजनिक नोटिस में यह भी कहा है कि नियमों के अनुसार यूजीसी और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआइसीटीई) बिना पूर्व स्वीकृति के केवल आनलाइन मोड में किए गए ऐसे पाठ्यक्रमों को मान्यता नहीं देते हैं। गौर करने वाली बात यह है कि यह बयान ऐसे वक्त में सामने आया है जब कुछ चीनी विश्वविद्यालयों ने वर्तमान और आगामी शैक्षणिक वर्षों के लिए विभिन्न डिग्री कार्यक्रमों में प्रवेश के लिए नोटिस जारी किया था।

यूजीसी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि छात्रों को इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि चीन ने सख्‍त कोविड-19 पाबंदियां लागू कर रखी हैं। यही नहीं चीन ने नवंबर 2020 से सभी वीजा निलंबित हैं। इन पाबंदियों के चलते बड़ी संख्या में भारतीय छात्र अपने कोर्सों को पूरा करने के लिए चीन नहीं लौट सके हैं। चूंकि अब चीन की ओर से कहा जा रहा है कि आनलाइन माध्‍यम से पढ़ाई करिये लेकिन इस बारे में भी सतर्कता बरतने की जरूरत है।

मौजूदा नियमों के अनुसार यूजीसी और एआइसीटीई बिना पूर्व अनुमति के केवल आनलाइन मोड से कई डिग्री पाठ्यक्रमों को मान्यता नहीं देते हैं। ऐसे में छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे सोच समझकर ही आनलाइन मोड से पढ़ाए जाने वाले शिक्षा के पाठ्यक्रमों में दाखिला लें ताकि भविष्‍य में रोजगार या अन्‍य समस्‍याओं से बचा जा सके। यूजीसी की ओर से यह बयान ऐसे वक्‍त में जारी किया गया जब चीनी विदेश मंत्री भारत दौरे पर रहे...

Edited By: Krishna Bihari Singh

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'हां, ये सही है लेकिन क्या मुल्क में यही चलता रहेगा...', ASI रिपोर्ट पर बोले प्रोफेसर इरफान हबीब - Aaj Tak

ज्ञानवापी परिसर की ASI सर्वे रिपोर्ट को लेकर हिंदू पक्ष ने कई दावे किए हैं. गुरुवार को वकील विष्णु शंकर जैन ने रिपोर्ट सार्वजनिक की. उन्हों...