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Thursday, April 7, 2022

इमरान ख़ान को पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, डिप्टी स्पीकर का फ़ैसला असंवैधानिक, नेशनल असेंबली बहाल - BBC हिंदी

पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस उमर अता बांदियाल

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पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल असेंबली के डिप्टी स्पीकर क़ासिम सूरी के फ़ैसले को असंवैधानिक क़रार दे दिया है.

अदालत ने नेशनल असेंबली को भी बहाल कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट का ये फ़ैसला इमरान ख़ान सरकार के लिए बड़ा झटका है.

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फ़ैसले में ये भी कहा है कि प्रधानमंत्री इमरान ख़ान राष्ट्रपति को नेशनल असेंबली को भंग करने की सलाह नहीं दे सकते थे.

सुप्रीम कोर्ट ने स्पीकर को 9 अप्रैल, शनिवार को, असेंबली का सत्र बुलाने का आदेश भी दिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि असेंबली में अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग कराई जाए.

कड़ी सुरक्षा में फ़ैसला

इससे पहले इस फ़ैसले के मद्देनज़र सुप्रीम कोर्ट की सुरक्षा कड़ी कर दी गई थी. अदालत के बाहर दंगारोधी बल भी तैनात किए गए हैं.

सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस उमर अता बांदियाल की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय बैंच ने ये फ़ैसला सुनाया है.

पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के कोर्ट रूम नंबर एक में ये फ़ैसला सुनाया गया.

बैंच में चीफ़ जस्टिस के अलावा जस्टिस इजाज़ुल अहसान, जस्टिस मज़रह आलम मियांखेल, जस्टिस मुनीब अख़्तर और जस्टिस जमाल ख़ान मंडोखेल शामिल थे.

पांचों जजों की बैंच ने एकमत से ये फ़ैसला सुनाया गया है.

सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला इमरान ख़ान के लिए बड़ा झटका है

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इससे पहले अदालत में सुनवाई के दौरान पाकिस्तान के चीफ़ जस्टिस ने कहा था कि डिप्टी स्पीकर क़ासिम ख़ान सूरी के अविश्वास प्रस्ताव को रद्द करने के फ़ैसले में ख़ामियां हैं.

अपना फ़ैसला सुरक्षित रखते हुए अदालत ने कहा था कि 'वास्तविक सवाल ये है कि आगे क्या होगा.' अदालत ने ये भी कहा था कि "हमें राष्ट्र हित का ध्यान रखना है."

अदालत के फ़ैसले से पहले विपक्ष के नेता शहबाज़ शरीफ़ ने अदालत से नेशनल असेंबली को बहाल करने की अपील की थी.

पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने डिप्टी स्पीकर के अविश्वास प्रस्ताव को खारिज करने और फिर नेशनल असेंबली को भंग करने के फ़ैसले पर अपना आदेश सुरक्षित कर लिया था.

चुनाव आयुक्त को तलब किया

सुप्रीम कोर्ट ने फ़ैसले सुनाने से पहले अदालत ने पाकिस्तान के मुख्य चुनाव आयुक्त को तलब किया. रिपोर्टों के मुताबिक अदालत के समक्ष चुनाव आयोग ने कहा कि वो तीन महीनों के भीतर चुनाव कराने के लिए तैयार हैं.

फ़ैसले में खामी

मामले की सुनवाई के दौरान पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने इमरान ख़ान सरकार के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव पर डिप्टी स्पीकर के वोटिंग नहीं कराने पर कहा है कि इस फ़ैसले में ख़ामी है.

पाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश उमर अता बांदियाल ने कहा, ''एक बात साफ़ है कि आदेश सही नहीं है. अगला क़दम क्या होगा?"

लोकतंत्र सबसे बेहतरीन बदला हैः बिलावल भुट्टो

पूर्व प्रधानमंत्री बेनेज़री भुट्टो के बेटे बिलावल भुट्टो ने अदालत के फ़ैसले के बाद ट्वीट करते हुए कहा कि लोकतंत्र सबसे बेहतरी बदला है.

उन्होंने ट्विटर पर लिखा, "लोकतंत्र सबसे बेहतरीन बदला है, जिया भुट्टो, जिया अवाम, पाकिस्तान ज़िंदाबाद"

वहीं अदालत के फ़ैसले पर टिप्पणी करते हुए विपक्ष के नेता मौलाना फ़ज़लुर्रहमान ने कहा, "ये अवाम की जीत है, पिसी हुई क़ौम की जीत है, अदालत ने क़ौम की उम्मीदों पर पूरा उतरते हुए संतोषजनक फ़ैसला दिया है. कल हम अब जुमे की नमाज़ के दौरान दो रक़ात शुक्राने की नमाज़ पढ़ेंगे और पाकिस्तान की बेहतरी के लिए दुआएँ करेंगे."

डिप्टी स्पीकर ने अविश्वास प्रस्ताव खारिज किया था

पाकिस्तान में बीते रविवार (3 अप्रैल, 2022) को प्रधानमंत्री इमरान ख़ान के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग होनी थी लेकिन संसद के डिप्टी स्पीकर ने वोटिंग न कराकर इसे असंवैधानिक क़रार देते हुए रद्द कर दिया.

उन्होंने इसके लिए संविधान के अनुच्छेद पांच का हवाला दिया.

डिप्टी स्पीकर क़ासिम सूरी ने अविश्वास प्रस्ताव रद्द करते हुए कहा था कि चुनी हुई सरकार को किसी विदेशी ताक़त को साज़िश के ज़रिए गिराने की इजाज़त नहीं दी जा सकती.

इसके तुरंत बाद इमरान ख़ान ने पाकिस्तान के राष्ट्रपति से संसद भंग करने की सिफ़ारिश की जिसे राष्ट्रपति ने स्वीकार करते हुए आदेश जारी कर दिया.

इसके साथ ही पाकिस्तान में संसद भंग हो गई और इमरान ख़ान कार्यवाहक प्रधानमंत्री बन गए.

इस पूरे मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लिया और कोर्ट को तय करना था कि अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग न करने का स्पीकर का फ़ैसला संवैधानिक है या नहीं.

अब सुप्रीम कोर्ट ने इस फ़ैसले को असंवैधानिक क़रार देते हुए पलट दिया है.

शहबाज़ शरीफ़

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अब तक क्या-क्या हुआ?

दरअसल, लंबे समय से विपक्षी पार्टियों ने इमरान सरकार के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल रखा है. विपक्षी दलों ने मिलकर एक गठबंधन बनाया पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट. ये गठबंधन एक बार पहले भी इमरान सरकार के ख़िलाफ़ अविश्वास प्रस्ताव लाया था लेकिन संख्या बल इमरान ख़ान के पक्ष में रहा.

लेकिन, इस बार लाए गए अविश्वास प्रस्ताव में इमरान ख़ान के हारने की संभावना जताई जा रही थी. सदन में विश्वास बहाल करने के लिए सदन में उनके पास पर्याप्त संख्या नहीं थी. अटकलें ये भी थीं कि वो अविश्वास प्रस्ताव से पहले ही इस्तीफ़ा दे देंगे लेकिन उन्होंने कहा कि वो आख़िरी बॉल तक बैटिंग करेंगे.

पाकिस्तान की सेना का भी इमरान ख़ान को समर्थन नहीं दिख रहा था. पिछले महीने उन्होंने भारत की सरकार और सेना की तारीफ़ करते हुए पाकिस्तान के विपक्ष और सेना पर निशाना साधा था. ऐसे में उनकी विदाई तय मानी जा रही थी.

प्रधानमंत्री इमरान ख़ान

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इमरान ख़ान का पलटवार

लेकिन, अविश्वास प्रस्ताव से पहले 27 मार्च को इस्लामाबाद में एक सभा में इमरान ख़ान ने कहा कि उनकी सरकार को एक दूसरे मुल्क़ की ओर से लिखित रूप से धमकी दी गई है. उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान उनके रूस जाने से अमेरिका खुश नहीं था. उन्होंने अपने ख़िलाफ़ विदेशी साजिश होने का आरोप लगाया.

दो अप्रैल को इमरान ख़ान ने एक बार फिर लोगों को संबोधित किया और लोगों के सवालों के जवाब दिए. इस दौरान इमरान ख़ान ने कहा कि ये साबित हो गया है कि विपक्ष के साथ मिलकर विदेश से उनके ख़िलाफ़ साजिश रची गई है. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा समिति और कैबिनेट ने वो डॉक्यूमेंट देखा है.

इमरान ख़ान ने कहा, "ये जो मैं आपको कहा रहा हूं कि ये ऑफ़िशियल डॉक्यूमेंट है कि इमरान ख़ान को आप अगर हटाएंगे तो अमेरिका के ताल्लुक़ात आपसे अच्छे होंगे. जैसे ही आप इमरान ख़ान को हटाएंगे हम आपको माफ़ कर देंगे." हालांकि, अमेरिका ने इन आरोपों से इनक़ार किया है.

इस दौरान उन्होंने शहबाज़ शरीफ़ पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी मिलीभगत इस साज़िश में है और शहबाज़ अमेरिका की 'ग़ुलामी' के लिए तैयार हैं.

रविवार को जब नेशनल असेंबली का सम्मेलन शुरू हुआ तो केंद्रीय क़ानून मंत्री फ़वाद चौधरी ने असेंबली में इस मुद्दे को उठाते हुए डिप्टी स्पीकर से अपील की कि वो इस अविश्वास प्रस्ताव को ख़ारिज कर दें क्योंकि इसे विदेशी ताक़तों के कहने पर लाया गया है.

इसके बाद डिप्टी स्पीकर क़ासिम सूरी ने फ़ैसला देते हुए सत्र को अनिश्चितकाल तक के लिए स्थगित कर दिया और इसके बाद प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने राष्ट्रपति को नेशनल असेंबली भंग करने की सिफ़ारिश कर दी जिसे राष्ट्रपति ने मंज़ूर कर लिया.

पाकिस्तान में विपक्ष के नेता

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पाकिस्तान में फिर से चुनाव

विपक्षी नेता सरकार के इस क़दम से ख़ासे नाराज़ थे. शहबाज़ शरीफ़ ने विधानसभा भंग करने के प्रस्ताव को लेकर इमरान ख़ान पर ''गंभीर राजद्रोह'' का आरोप भी लगाया है.

इमरान ख़ान संसद भंग करवाकर फिर से चुनाव में जाने की तैयारी कर रहे थे.

पाकिस्तान के कई लोग इमरान ख़ान के इस फ़ैसले को संविधान का उल्लंघन बता रहे हैं. वहीं, कई लोगों का ये भी कहना है कि उनके पास इसके अलावा कोई विकल्प नहीं था.

चुनाव होने तक पाकिस्तान में कार्यवाहक सरकार काम करेगी. लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के बाद अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा, जिसके बाद विपक्ष की सरकार का गठन भी हो सकता है.

कार्यवाहक सरकार का गठन अनुच्छेद 224 के तहत किया जाता है, जिसके उपखंड के मुताबिक़ अगर अनुच्छेद 58 के तहत संसद भंग हो जाए तो देश के राष्ट्रपति.. प्रधानमंत्री और नेशनल असेंबली में विपक्ष के नेता की सलाह से कार्यवाहक सरकार का गठन करेंगे.

और इस काम के लिए उनके पास असेंबली के भंग होने से लेकर सिर्फ़ तीन दिन का वक़्त होता है. प्रधानमंत्री इमरान ख़ान और विपक्ष के नेता शहबाज़ शरीफ़ अगर एक नाम पर सहमत नहीं होते हैं तो फिर ये मामला एक आठ सदस्यों वाली पार्लियामेंट्री कमिटी के पास जाता.

हालांकि, शहबाज़ शरीफ़ ने इस प्रक्रिया को असंवैधानिक बताते हुए इसमें हिस्सा लेने से इनक़ार किया था.

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Wednesday, April 6, 2022

Corona: मुंबई में मिला वैरिएंट XE है या नहीं, BMC और स्वास्थ्य मंत्रालय के अलग-अलग दावे, फिर होगी जांच - Aaj Tak

स्टोरी हाइलाइट्स

  • INSACOG के शीर्ष अधिकारियों ने जताई आपत्ति
  • BMC ने सीरो सर्वे में XE वैरिएंट होने की पुष्टि की है

मुंबई में कोरोना वायरस के XE वैरिएंट की पुष्टि के कुछ घंटे बाद ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस बात का खंडन कर दिया. मंत्रालय के अधीन आने वाले केंद्रीय अनुसंधान निकाय INSACOG के शीर्ष अधिकारियों ने कहा कि मामले की फिर से जांच करनी होगी. INSACOG के सूत्रों ने इंडिया टुडे को बताया कि इस मामले की फिर से पुष्टि करने और यह पता लागने की जरूरत है कि क्या सैंपल recombinant variant से संक्रमित है. सूत्रों ने बताया कि हम कई एक्सपोजर की जांच के लिए फिर से जीनोम सीक्वेंसिंग कराएंगे.

NIBMG ने पुष्टि के लिए मांगा डेटा

महाराष्ट्र कोविड टास्क फोर्स के सदस्य डॉ. शशांक जोशी ने कहा कि रीकॉम्बिनेंट स्ट्रेन में contaminants होते हैं इसलिए INSACOG ने हमसे जीनोम सीक्वेंसिंग का डेटा मांगा है ताकि उसे  NIBMG (नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ बायोमेडिकल जीनोमिक्स) को भेज दिया है ताकि XE वैरिएंट के होने की पुष्टि की जा सके.

विदेश महिला ठीक होकर घर भी लौट गई

डॉ. शशांक जोशी का कहना है कि मुंबई में नए वैरिएंट के मिलने पर घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि जो विदेशी महिला इस वैरिएंट से संक्रमित पाई गई थी वह पिछले महीने ही पूरी तरह से ठीक होकर अपने देश लौट गई है. उन्होंने बताया कि सैंपलों की कस्तूरबा लैब में डॉ. जयंती शास्त्री द्वारा जीनो सीक्वेंसिंग करवाई गई थी. लैब ने इस बात की पुष्टि की है कि महिला में ओमिक्रॉन के दो सब लीनेज BA.1 और BA.2 का रीकॉम्बिनेंट स्ट्रेन है.

दोनों डोज लगवा चुकी है संक्रमित महिला

मुंबई में जिस 50 वर्षीय विदेशी महिला के XE वैरिएंट के चपेट में आने की बात सामने आई है, वह कोरोना के दोनों टीके लगा चुकी है. महिला एसिमटोमैटिक है और उनमें कोरोना के कोई लक्षण नहीं पाए गए हैं. बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) ने अपनी सीरो सर्वे रिपोर्ट में महिला के XE वैरिएंट से संक्रमित होने का दावा किया है.

पेशे से कॉस्ट्यूम डिजाइनर है महिला

XE स्ट्रेन से संक्रमित महिला पेशे से कॉस्ट्यूम डिजाइनर हैं साथ ही वह शूटिंग क्रू की टीम सदस्य भी हैं. जानकारी के मुताबिक वह 10 फरवरी 2022 को दक्षिण अफ्रीका से आई थीं. इससे पहले उनकी कोई ट्रेवल हिस्ट्री भी नहीं थी.

बीए.2 स्ट्रेन से 10% ज्यादा घातक 

अगर नया वैरिएंट XE ही होगा तो यह ओमिक्रॉन के सब वैरिएंट BA.2 से करीब 10 प्रतिशत ज्यादा संक्रामक हो सकता है. इसे लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) इसको लेकर चिंता कर चुका है. XE ओमिक्रॉन के दो सब लीनेज BA.1 और BA.2 का रीकॉम्बिनेंट स्ट्रेन है. WHO कह चुका है कि जब तक इसके ट्रांसमिशन रेट और बीमारी के व्यवहार में महत्वपूर्ण बदलाव नहीं देखा जाता तब तक इसे ओमिक्रॉन वैरिएंट से ही जोड़कर देखा जाएगा.

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शरद पवार ने PM मोदी के सामने उठाया संजय राउत पर हुई कार्रवाई का मुद्दा, प्रधानमंत्री - ABP न्यूज़

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष शरद पवार ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद में मुलाकात की. मुलाकात के दौरान शरद पवार ने पीएम मोदी के सामने शिवसेना नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत के खिलाफ हुई प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया.

शरद पवार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा, "मैं संजय राउत की संपत्तियों को कुर्क करने के मामले को प्रधानमंत्री के संज्ञान में लाया. अगर कोई केंद्रीय एजेंसी इस तरह का कदम उठाती है तो उन्हें इसकी जिम्मेदारी लेनी होगी. उनके खिलाफ यह कार्रवाई हुई क्योंकि वह सरकार के खिलाफ बोलते हैं?" शरद पवार ने कहा, "प्रधानमंत्री ने कोई जवाब नहीं दिया. मैंने उम्मीद भी नहीं की थी कि वो कोई जवाब देंगे. बस मैंने अपनी बात रख दी है." 

प्रवर्तन निदेशालय ने कुछ भूमि सौदों से जुड़ी धन शोधन जांच के तहत शिवसेना सांसद संजय राउत की पत्नी और उनके दो सहयोगियों की 11.15 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क किया है.  ईडी ने एक बयान में कहा कि कुर्क की गई संपत्तियां पालघर और ठाणे में भूखंड के रूप में हैं, जिनपर गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के पूर्व निदेशक प्रवीण एम राउत का कब्जा है. 

इसके अलावा मुंबई के दादर में संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत का एक फ्लैट है और अलीबाग के किहिम बीच पर आठ भूखंड हैं जो वर्षा राउत और स्वप्ना पाटकर की संयुक्त मिल्कियत है. स्वप्ना पाटकर सुजीत पाटकर की पत्नी हैं. ईडी के मुताबिक, सुजीत पाटकर शिवसेना के राज्यसभा सदस्य और पार्टी प्रवक्ता संजय राउत के करीबी सहयोगी हैं.

शरद पवार ने यूपीए के अध्यक्ष बनने के मुद्दे पर कहा, "इसके लिए मैं खुद तैयार नहीं हूं. ये पहले भी मैं कह चुका हूं.

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भारत में कोरोनावायरस के नए वैरिएंट XE का पहला मामला मुंबई में मिला - NDTV India

भारत में कोरोनावायरस के नए वैरिएंट XE का पहला मामला मुंबई में मिला

नए वैरिएंट से संक्रमित मरीजों में कोई गंभीर लक्षण नजर नहीं आ रहे.

मुंबई:

मुंबई में कोविड-19 के ओमिक्रॉन के नए वैरिएंट का पहला केस मिला है. यहां ओमिक्रॉन के XE वैरिएंट का पहला मामला दर्ज किया गया है. वहीं, ओमिक्रॉन के कप्पा वैरिएंट का भी एक केस मिला है. जिन 376 नमूनों का परीक्षण किया गया था. उनमें से 230 मुंबई के निवासी हैं. हालांकि, नए वैरिएंट से संक्रमित मरीजों में कोई गंभीर लक्षण नजर नहीं आ रहे.

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मुंबई के इन 230 मरीज़ों में से 21 को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था. वैक्सीन की सिर्फ़ पहली ख़ुराक ले चुका कोई भी मरीज़ अस्पताल में भर्ती नहीं हुआ था. वैक्सीन की दोनों खुराक लेने वालों में से 9 अस्पताल में भर्ती थे. बिना वैक्सीन की खुराक वाले 12 मरीज़ अस्पताल में भर्ती थे. अस्पताल में भर्ती हुए कुल 21 मरीजों में से किसी को भी ऑक्सीजन या गहन देखभाल की जरूरत नहीं पड़ी.

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बता दें, हालही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अपनी रिपोर्ट में जानकारी दी थी कि XE वैरिएंट कोरोना के किसी भी वैरिएंट से ज्यादा संक्रामक हो सकता है. XE एक 'पुनः संयोजक' (Recombinant) जोकि BA'1 और BA.2 Omicron का म्यूटेशन है. 'पुनः संयोजक' म्यूटेशन तब पैदा होता है, जब कोई मरीज कोरोना के कई प्रकार के वैरिएंट से संक्रमित हो जाता है. 

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साथ ही विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि नया वैरिएंट XE ओमिक्रोन के सब-वैरिएंट BA.2 की तुलना में 10 फीसदी ज्यादा संक्रामक है. डब्ल्यूएचओ ने कहा, 'शुरुआती अनुमान BA.2 की तुलना में 10 फीसदी ज्यादा संक्रामक के संकेत देता है. हालांकि, इसके लिए और पुष्टि की आवश्यकता है.'

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गोरखनाथ मंदिर मामले में बड़ा खुलासा: देवबंद से जुड़ रहे मुर्तजा के तार, एटीएस ने साथी आरोपी को दबोचा, पूछताछ जारी - अमर उजाला - Amar Ujala

यह है पूरा मामला
गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा में तैनात सिपाहियों (पीएसी जवान) पर धारदार हथियार से हमला करने के आरोपी अहमद मुर्तजा अब्बासी को बरामद सामान के साथ पुलिस ने एटीएस को सौंप दिया है। गोरखनाथ थाने में दर्ज केस भी ट्रांसफर कर दिया गया है। 

मुर्तजा के करीबियों से पूछताछ के लिए एटीएस देवबंद भी पहुंची है। बताया गया कि मुर्तजा कुछ माह पहले ही देवबंद में आया था और यहां कई दिन रहा भी था। 

हालांकि पूरे मामले में एटीएस, पुलिस, एसटीएफ और खुफिया एजेंसियां अलग-अलग जांच कर रही हैं। मुर्तजा नेपाल, मुंबई, कोयंबटूर, जामनगर, गाजीपुर भी हाल के दिनों में गया था। यहां पर भी जांच टीमें जाने की तैयारी में हैं।

जानकारी के मुताबिक, रविवार शाम गोरखनाथ मंदिर के दक्षिणी गेट पर पीएसी जवान गोपाल गौड़, अनिल पासवान पर धारदार हथियार से हमला करने वाला मुर्तजा अब्बासी सात दिन की पुलिस रिमांड पर है। सोमवार को रिमांड के बाद ही उससे पूछताछ की जा रही है।

गोरखनाथ मंदिर की सुरक्षा में लगे सिपाहियों पर हमले के आरोपी मुर्तजा अहमद अब्बासी ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन आईएसआईएस के बैंक खाते में लाखों रुपये भेजे हैं। अब जांच एजेंसी मुर्तजा के नेटवर्क को खंगाल रही है। यह जानने की कोशिश कर रही है कि मुर्तजा किसके संपर्क में आने के बाद आईएसआईएस के बैंक खाते में रकम भेजने लगा। 

मुर्तजा का देवबंद कनेक्शन सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं। वहीं एसएसपी सहारनपुर आकाश तोमर का कहना है कि युवक को एटीएस ले गई है। इसकी पुष्टि हो गई है। एटीएस पूछताछ के लिए एक युवक को ले गई है। वहीं, मुर्तजा के देवबंद आने के संबंध में कोई जानकारी नहीं है।

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Tuesday, April 5, 2022

Petrol-Diesel Price : दिल्ली में फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, 80 पैसे हुआ महंगा - Aaj Tak

रूस का दावा: बूचा में हमने नहीं किया नरसंहार, वीडियो पेश कर कहा- फर्जी है पूरा मामला - अमर उजाला - Amar Ujala

सार

रूस ने यूक्रेन के बूचा में नरसंहार के आरोपों को नकारते हुए कहा है कि इस संबंध में जारी हो रहे वीडियो फर्जी हैं। अपने रुख का बचाव करते हुए रूस ने कई दावे भी किए हैं।

ख़बर सुनें

विस्तार

यूक्रेन के बूचा में नरसंहार की जानकारी सामने आने के बाद रूस-यूक्रेन विवाद में नए सवाल खड़े हो गए हैं। यूक्रेन ने जहां बूचा में नागरिकों की हत्याओं का जिम्मेदार रूसी सेना को बताया है वहीं रूस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। 
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रूस के विदेश मंत्री सर्गी लैवरोव ने कहा है कि बीते कुछ दिनों में जो शवों के वीडियो और तस्वीरें सामने आई हैं वो फर्जी हैं और उन्हें बनाया गया है। इसके साथ ही बूचा को लेकर रूस ने कई अन्य दावे भी किए हैं और यूक्रेन पर आरोप लगाए हैं।

बूचा में शवों को दिखाते वीडियो को बताया है फर्जी
कनाडा में रूस के दूतावास ने हाल ही में एक वीडियो जारी किया था। इसमें इस बात को खारिज किया गया है कि वीडियो में शव दिखाई दे रहे हैं। वीडियो के साथ रूसी दूतावास ने लिखा, 'कीव के पास बूचा में नकली शवों को दिखाता  फर्जी वीडियो'।

रूस का समर्थन करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट से इस वीडियो का एक धीमा वर्जन पोस्ट किए जा रहे हैं। इसके साथ ही यह दावा भी किया जा रहा है कि जो शव इस वीडियो में दिखाई दे रहे हैं उनमें से एक शव का हाथ हिलता दिखाई दे रहा है।

'कम से कम चार दिन बाद भी क्यों नहीं अकड़े शव'
इसके अलावा रूस के विदेश मंत्रालय ने एक ट्वीट में कहा कि कीव प्रशासन की ओर से जिन शवों की तस्वीरें जारी की जा रही हैं वह कम से कम चार दिन के बाद भी अकड़े नहीं हैं। मंत्रालय ने कहा है कि रूसी सेना ने 30 मार्च को इलाका छोड़ दिया था। 


मौत के कुछ घंटों के बाद शव अकड़ना शुरू हो जाता है। रूसी विदेश मंत्रालय ने यह दावा भी किया है कि कथित शवों पर आम तौर पर दिखने वाले निशान नहीं दिख रहे हैं। रूस के अनुसार ये रूसी सेना को बदनाम करने के लिए किया जा रहा है।

'कोई स्थानीय नागरिक हिंसा का शिकार नहीं हुआ'
रूसी विदेश मंत्रालय ने दावा किया है कि जब बूचा रूस के नियंत्रण में था तब इस इलाके में एक भी स्थानीय नागरिक को किसी हिंसक कार्रवाई का सामना नहीं करना पड़ा। रूस का कहना है कि हमारी सेना ने नागरिकों के साथ कोई हिंसा नहीं की है।

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रूस का दावा: बूचा में हमने नहीं किया नरसंहार, वीडियो पेश कर कहा- फर्जी है पूरा मामला - अमर उजाला - Amar Ujala
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'हां, ये सही है लेकिन क्या मुल्क में यही चलता रहेगा...', ASI रिपोर्ट पर बोले प्रोफेसर इरफान हबीब - Aaj Tak

ज्ञानवापी परिसर की ASI सर्वे रिपोर्ट को लेकर हिंदू पक्ष ने कई दावे किए हैं. गुरुवार को वकील विष्णु शंकर जैन ने रिपोर्ट सार्वजनिक की. उन्हों...