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Tuesday, April 27, 2021

कोरोना पर सुप्रीम सुनवाई: सुप्रीम कोर्ट का सरकार से सवाल- मौजूदा संकट पर नेशनल प्लान क्या है? क्या वैक्सीने... - Dainik Bhaskar

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नई दिल्ली7 मिनट पहले

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कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की किल्लत और दूसरी परेशानियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई। कोर्ट ने केंद्र से पूछा कि संकट से निपटने के लिए आपका नेशनल प्लान क्या है? क्या वैक्सीनेशन ही मुख्य विकल्प है।

सुनवाई की शुरुआत में ही सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया कि हमें लोगों की जिंदगियां बचाने की जरूरत है। जब भी हमें जरूरत महसूस होगी, हम दखल देंगे। राष्ट्रीय आपदा के समय हम मूकदर्शक नहीं बने रह सकते हैं। हम हाईकोर्ट्स की मदद की जिम्मेदारी निभाना चाहते हैं। इस मामले में उन अदालतों (HCs) को भी अहम रोल निभाना है।

सुप्रीम कोर्ट के केंद्र को 4 निर्देश
1.
SC ने केंद्र से पूछा- ऑक्सीजन की सप्लाई को लेकर केंद्र को मौजूदा स्थिति स्पष्ट करनी होगी। कितनी ऑक्सीजन है? राज्यों की जरूरत कितनी है? केंद्र से राज्यों को ऑक्सीजन के अलॉटमेंट का आधार क्या है? राज्यों को कितनी जरूरत है, ये तेजी से जानने के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई गई है?

2. गंभीर होती स्वास्थ्य जरूरतों को बढ़ाया जाए। कोविड बेड्स भी बढ़ाए जाएं।

3. वो कदम बताइए जो रेमडेसिविर और फेवीप्रिविर जैसी जरूरी दवाओं की कमी को पूरा करने के लिए उठाए गए।

4. अभी कोवीशील्ड और कोवैक्सिन जैसी दो वैक्सीन उपलब्ध हैं। सभी को वैक्सीन लगाने के लिए कितनी वैक्सीन की जरूरत होगी? कोविड वैक्सीन के दाम तय करने का आधार और तर्क क्या हैं?

केंद्र ने कहा- प्रधानमंत्री खुद समस्याओं पर ध्यान दे रहे हैं
केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सरकार हाई लेवल पर इस मसले पर काम कर रही है। परेशानियां दूर करने के लिए प्रधानमंत्री खुद इसे देख रहे हैं। हम हालात को बहुत सावधानी से संभाल रहे हैं।

अदालत ने पिछली सुनवाई में मांगा था 4 पॉइंट्स पर नेशनल प्लान
कोरोना के दौरान ऑक्सीजन, वेंटिलेटर्स, बेड और वैक्सीन जैसी समस्याओं को ध्यान में रखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने खुद ये मुद्दा उठाया था। जस्टिस एस. रविंद्र भट, जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एल. नागेश्वर की बेंच इस मामले पर सुनवाई कर रही है। कोर्ट ने वरिष्ठ वकील और पूर्व सॉलिसिटर जनरल हरीश साल्वे को एमिकस क्यूरी बनाया था, हालांकि उन्होंने खुद को इस केस से अलग कर लिया है। पिछली सुनवाई में अदालत ने केंद्र ने नेशनल प्लान मांगा था। ​​​​​​​​​​​​​​

1. राजधानी दिल्ली सहित कई राज्यों में ऑक्सीजन सप्लाई की कमी बनी हुई है और मरीजों की जान जा रही है।

2. पूरे देश में 1 मई से वैक्सीनेशन का तीसरा फेज शुरू हो रहा है, लेकिन राज्यों में वैक्सीन की किल्लत बनी हुई है।

3. कोरोना के इलाज में उपयोग होने वाली दवाओं की हर राज्य में कमी है।

4. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि लॉकडाउन लगाने का अधिकार कोर्ट के पास नहीं होना चाहिए। ये राज्य सरकार के अधीन हो।

आज ही ऑक्सीजन की कमी पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, स्टरलाइट प्लांट खुलेगा

सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु में वेदांता के स्टरलाइट प्लांट में ऑक्सीजन सप्लाई की मंजूरी दे दी है। कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि प्लांट में केवल ऑक्सीजन प्रोड्यूस होगी, कोई और काम नहीं किया जाएगा। वेदांता ने कोर्ट से कहा कि हम प्लांट में केवल ऑक्सीजन बनाएंगे, बिजली नहीं। बिजली राज्य द्वारा दी जाएगी।

जब सुप्रीम कोर्ट ने वेदांता से पूछा कि आप कब से ये प्लांट शुरू कर सकते हैं? तो कंपनी ने जवाब दिया कि हम 10 दिन के भीतर ऑक्सीजन प्रोडक्शन शुरू कर सकते हैं।

वेदांता के इस तूतीकोरिन स्थित प्लांट को 2018 में तब बंद कर दिया गया था, जब पर्यावरण को हो रहे नुकसान के चलते लोगों ने प्रदर्शन किया था। इस दौरान हुई हिंसा में 13 लोगों की मौत हो गई थी। मंगलवार को सुनवाई के दौरान एक विक्टिम की ओर से एडवोकेट कोलिन गोंजाल्विस ने कहा कि वेदांता लगातार गलतियां करता आया है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम इस समय केवल ऑक्सीजन प्लांट चलाने की मंजूरी दे रहे हैं।

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