जिलों के संबंध में अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ के दुर्ग, गरियाबंद, रायपुर, राजनांदगांव, मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा, गुना, शाजापुर, लद्दाख के लेह और तेलंगाना के निर्मल में पिछले 15 दिनों में मामलों में गिरावट के संकेत मिले हैं. महाराष्ट्र के 12 जिलों में भी पिछले 15 दिन में गिरावट के संकेत मिले हैं. उन्होंने कहा, 'हालांकि, ये बहुत शुरुआती संकेत हैं और इनके आधार पर स्थिति का विश्लेषण करना जल्दबाजी होगी. जिला और राज्य स्तर पर रोकथाम के प्रयासों को जारी रखना महत्वपूर्ण है ताकि हम इस बढ़त को बरकरार रखते हुए मामलों पर लगाम लगा सकें.' उन्होंने कहा कि 12 राज्य ऐसे हैं जहां उपचाराधीन रोगियों की संख्या एक लाख से अधिक हैं. इनमें महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु शामिल हैं. सात राज्यों में मरीजों की तादाद 50 हजार से एक लाख और 17 राज्यों में 50 हजार से कम है. उन्होंने कहा कि 22 राज्य ऐसे हैं जहां संक्रमण दर 15 प्रतिशत से अधिक है और नौ राज्यों में संक्रमण दर 5 से 15 प्रतिशत के बीच है और पांच राज्यों में यह पांच प्रतिशत से कम है. उन्होंने कहा कि अंडमान निकोबार, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, बिहार, गोवा, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू- कश्मीर, कर्नाटक, केरल, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, मेघालय, ओडिशा, पुडुचेरी, राजस्थान, सिक्किम, तमिलनाडु, त्रिपुरा और पश्चिम बंगाल में दैनिक मामलों मे वृद्धि देखी जा रही है. अग्रवाल ने कहा,'फिलहाल, सूक्ष्म-स्तर पर मामलों का विश्लेषण करना और उन क्षेत्रों में प्रयासों को जारी रखना महत्वपूर्ण है जहां से मामले सामने आए रहे हैं.'
कोविड-19 टीकों की 15.72 करोड़ खुराकें दी जा चुकी टीकाकरण के बारे में उन्होंने कहा कि देश में अब तक कोविड-19 टीकों की 15.72 करोड़ खुराकें दी जा चुकी हैं. इनमें से 12.83 करोड़ लोगों को पहली जबकि 2.89 करोड़ लोगों को दूसरी खुराक दी गई. अठारह से 44 साल की आयु के लोगों को पहली खुराक के तौर पर 0.02 करोड़ टीके लगाए गए हैं. अग्रवाल ने कहा कि 12 राज्यों में एक मई से 18 से 44 साल की आयु के लोगों को टीके लगाने की शुरुआत हो चुकी है. देश में चिकित्सीय ऑक्सीजन की कमी के बारे में उन्होंने कहा कि सरकार इसके उत्पादन के लिये नाइट्रोजन संयंत्रों के रूपांतरण की संभावना तलाश रही है. इस बीच, एम्स के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने हल्के कोविड-19 लक्षणों में सीटी स्कैन की जल्दबाजी को लेकर आगाह करते हुए कहा कि इसके दुष्प्रभाव होते हैं और फायदे से अधिक नुकसान हो सकता है.
सरकार ने कहा-महाराष्ट्र-गुजरात समेत 12 राज्यों में कम हो रही कोरोना की रफ्तार, एक्सपर्ट्स ने किया खारिज - News18 हिंदी
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