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Monday, May 24, 2021

अंजना ओम कश्यप के शो में पैनलिस्ट ने कहा- ये शो कोरोनिल ने स्पॉन्सर किया है, स्क्रीन पर लगातार दिख रही थी पतंजलि की कोरोना किट - Jansatta

अंजना ओम कश्यप के शो में पैनलिस्ट ने कहा- ये शो कोरोनिल ने स्पॉन्सर किया है, स्क्रीन पर लगातार दिख रही थी पतंजलि की कोरोना किट

योग गुरु रामदेव ने एलोपैथिक दवाओं पर अपने उस हालिया बयान को रविवार को वापस ले लिया, जिसका चिकित्सक बिरादरी ने कड़ा विरोध किया था।

तस्वीर कोरोनिल के लॉन्च की समय की है। फोटो- एक्सप्रेस आर्काइव

आज तक पर डिबेट के दौरान एंकर अंजना ओम कश्यप ने इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के महासचिव डॉ जयेश एम लेले से सवाल किया कि क्या एलोपैथी डॉक्टर आयुर्वेदिक दवाओं को हीन दृष्टि से देखते हैं?जवाब में डॉ जयेश ने कहा कि अगर रामदेव चुप रहेंगे तब ही वे डिबेट में बोल सकेंगे। डॉक्टर बोलने लगे, ‘इनके फोटो फ्रेम में क्यों कोरोनिल की दवाई लगातार दिखाई जा रही है। क्या यहां विज्ञापन हो रहा है? ये कोरोनिल की दवाई हटा दीजिए। हम तो कोई विज्ञापन नहीं कर रहे हैं।’

डॉक्टर ने कहा, ‘इनका वीडियो ऐसा है कि पहले दो थप्पड़ मारने का। इनके बयानों में कितना फर्क है।’ बीच में रामदेव कहने लगे कि अब के बयान की बात करो। डॉ जयेश रामदेव को चुप कराने लगे। रामदेव ने जितनी दफा बोलने की कोशिश की डॉक्टर ने उनकी बोलती बंद कर दी। रामदेव कहने लगे कि आप आईएम के अधिकारी होने की वजह से मुझे धमका नहीं सकते हैं। जवाब में डॉक्टर ने कहा कि मैं कोई अधिकारी नहीं हूं। डॉक्टर कहने लगे कि किसने आपको कहा था कि एलोपैथी पर बयान दो।

बता दें कि योग गुरु रामदेव ने एलोपैथिक दवाओं पर अपने उस हालिया बयान को रविवार को वापस ले लिया, जिसका चिकित्सक बिरादरी ने कड़ा विरोध किया था। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन के एक पत्र का जवाब देते हुए रामदेव ने कहा कि वह इस मामले को शांत करना चाहते हैं।


उन्होंने अपने निजी ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया, ‘‘माननीय श्री हर्षवर्धन जी आपका पत्र प्राप्त हुआ, उसके संदर्भ में चिकित्सा पद्धतियों के संघर्ष के इस पूरे विवाद को खेदपूर्वक विराम देते हुए मैं अपना वक्तव्य वापिस लेता हूं और यह पत्र आपको संप्रेषित कर रहा हूं।’’

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने एलोपैथी के बारे में दिये गए योग गुरु रामदेव के बयान को रविवार को ”बेहद दुर्भाग्यपूर्ण” करार देते हुए उन्हें इसे वापस लेने को कहा था।

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो का हवाला देते हुए शनिवार को कहा था कि रामदेव ने दावा किया है कि एलोपैथी ‘बकवास विज्ञान’ है और भारत के औषधि महानियंत्रक द्वारा कोविड-19 के इलाज के लिए मंजूर की गई रेमडेसिविर, फेवीफ्लू तथा ऐसी अन्य दवाएं कोविड-19 मरीजों का इलाज करने में असफल रही हैं।

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