देश के ग्रामीण क्षेत्रों में हो रहे कोरोना वायरस की दस्तक को लेकर एक्सपर्ट्स चिंतित हैं. इस पर पीएम ने कहा, 'कोरोना की इस दूसरी वेव में, अभी ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में हमें बहुत ध्यान देना है.' जरूरी सेवाओं को लेकर पीएम ने कहा, 'कोविड के अलावा आपको अपने जिले के हर एक नागरिक की ‘ईज ऑफ लिविंग’ का भी ध्यान रखना है.' उन्होंने इस दौरान वायरस के खिलाफ लड़ने के हथियारों और टेस्टिंग, ट्रैकिंग के फॉर्मूले का जिक्र किया. पीएम ने कहा, 'इस वायरस के खिलाफ हमारे हथियार क्या हैं? हमारे हथियार हैं- लोकल कंटेनमेंट जोन, आक्रामक जांच और लोगों तक सही और पूरी जानकारी.' साथ ही उन्होंने बताया, 'टेस्टिंग ट्रैकिंग, ट्रीटमेट और कोविड व्यवहार पर लगातार बल देते रहना जरूरी है.' उन्होंने कहा, 'कोरोना के खिलाफ इस युद्ध में आप सब लोग एक बहुत महत्वपूर्ण भूमिका में है. आप एक तरह से इस युद्ध के फील्ड कमांडर हैं.'
डॉक्टर्स के साथ कर चुके हैं बैठक प्रधानमंत्री मोदी ने देश भर के डॉक्टरों के एक समूह के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोविड से संबंधित स्थिति पर चर्चा की. इस बात की जानकारी पीएम ने ट्वीट के जरिए दी है. पीआईबी के अनुसार, इस बैठक में पीएम मोदी ने कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान मेडिकल स्टाफ के कार्यों की सराहना की. उन्होंने कहा है कि देश चिकित्सा बिरादरी का ऋणी है. पीएम मोदी ने इस चर्चा के दौरान चिकित्सकों के टीकाकरण की बात पर भी जोर दिया. उन्होंने कहा कि देश के 90 फीसदी स्वास्थ्य कर्मियों को टीकारण का पहला डोज मिल चुका है. उन्होंने कहा कि वैक्सीन ने ज्यादातर चिकित्सकों की सुरक्षा सुनिश्चित की है. इस दौरान उन्होंने ब्लैक फंगस यानि म्यूकरमाइकोसिस को लेकर भी बात की. उन्होंने कहा है कि चिकित्सकों को इसके बारे में जागरूकता फैलाने के लिए और भी ज्यादा प्रयास करने की जरूरत है.
कोरोना के हालात पर पीएम मोदी ने जिलाधिकारियों के साथ बैठक की; टेस्टिंग, कंटेनमेंट और वैक्सिनेशन का मंत्र दिया - News18 हिंदी
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