
नई दिल्ली/ नोएडा, जागरण संवाददाता। साल का पहला चंद्र ग्रहण बुधवार को दुनिया के कई हिस्सों में देखा गया। यह चंद्र ग्रहण बुधवार दोपहर 2 बजकर 17 मिनट से शुरू हुआ, जो शाम 7 बजकर 19 मिनट तक रहा। हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा यानी बुध पूर्णिमा की वजह से धार्मिक तौर पर इसका काफी महत्व है। चंद्रग्रहण दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में कहीं भी नजर नहीं आया। ऐसे में सूतक काल का प्रभाव नहीं रहा।
सेक्टर-55 स्थित शिव मंदिर के पुजारी राम नारायण शास्त्री ने बताया कि उपछाया ग्रहण में सूतक नहीं होता है। यही वजह है कि ग्रहण से पहले सभी कार्य वैसे ही किए गए, जैसे होते रहे हैं। हालांकि, आंशिक चंद्र ग्रहण के बाद मंदिर में सभी प्रतिमाओं का शुद्धिकरण किया गया।
10 जून को अमावस्या पर साल का पहला सूर्य ग्रहण लगेगा
पुजारी राम नारायण शास्त्री ने बताया कि इस चंद्र ग्रहण के 15 दिन बाद यानी 10 जून को अमावस्या पर साल का पहला सूर्य ग्रहण लगेगा। हालांकि, यह ग्रहण भी भारत में नहीं दिखेगा। इसलिए यह भी केवल खगोलीय नजरिये से खास रहेगा। पिछले साल भी ऐसी स्थिति बनी थी जब 15 दिनों में दो ग्रहण हुए थे। लेकिन देश में नहीं दिखने से इनका अशुभ असर भी नहीं पड़ा था।
वहीं आखिरी चंद्र ग्रहण 19 नवंबर 2021 को लगेगा, इसे भी उपछाया ग्रहण माना जा रहा है। यह आंशिक चंद्र ग्रहण भारत व अन्य देशों में दिखाई देगा। बता दें कि जब धरती पूरी तरह चंद्रमा और सूर्य के बीच आ जाती है, तो इस स्थिति को पूर्ण चंद्र ग्रहण कहा जाता है। ऐसी स्थिति में चंद्रमा लाल नजर आता है जिसे ब्लड मून भी कहते हैं।
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Surya Grahan 2021: अगले महीने जून में लगेगा साल का पहला सूर्य ग्रहण, जानें Date and Time - दैनिक जागरण
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