जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट की बैठक के दौरान कहा कि ये मंत्री व्यवस्था के चलते पद से हटाए गए हैं। उन्होंने साफ किया कि उनकी क्षमता से इस फैसले का कोई संबंध नहीं है। सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि नए मंत्री अपने पूर्ववर्तियों से मिलें और उनके अनुभवों से सीख लें।
अभी तक माना जा रहा था कि इन मंत्रियों का इस्तीफा इनके लचर प्रदर्शन की वजह से लिया गया है। लेकिन, शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में मोदी ने इसे लेकर कयासों को लगाम दी और खुद स्पष्ट कर दिया कि कैबिनेट में फेरबदल किसी की क्षमता के आधार पर नहीं बल्कि व्यवस्था के आधार पर किया गया है।
एक गलती कोविड से जंग कमजोर कर देगी
समाचार एजेंसी एएआई ने सूत्रों के हवाले से बताया कि मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से हम भीड़भाड़ वाली जगहों की कई तस्वीरें और वीडियो देख रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में भी लोग बिना मास्क पहने घूम रहे हैं और शारीरिक दूरी के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि यह सुखद नजारा नहीं है और इससे हममें भय की भावना पैदा होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि ऐसे समय में लापरवाही का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बस एक गलती बड़ा असर डाल सकती है और कोविड-19 के खिलाफ हमारी जंग को कमजोर कर सकती है।
कोविड-19 का खतरा अभी टलने से बहुत दूर
सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले महीनों के मुकाबले अब कोरोना के मामलों में कमी आई है, इससे लोग बाहर निकलना चाहते हैं। फिर भी, सभी को यह जरूर ध्यान रखना चाहिए कि खतरा अभी टलने से बहुत दूर है। कई देशों में संक्रमण के मामलों में तेजी आ रही है। वायरस अपना स्वरूप भी बदल रहा है।
पीएम ने महाराष्ट्र और केरल में लगातार बड़ी संख्या में सामने आ रहे कोरोना के मामलों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मंत्रियों के तौर पर हमारा लक्ष्य डर उत्पन्न करना नहीं बल्कि लोगों से अनुरोध करना है कि वह सभी नियमों का पालन करें जिससे आने वाले समय में हम इस महामारी से आगे बढ़ सकें।
वहीं, बैठक के बाद पीएम ने ट्वीट कर कहा, ‘कोरोना के खिलाफ लड़ाई को और मजबूत बनाने के लिए 23 हजार करोड़ रुपये से अधिक के नए पैकेज को मंजूरी दी गई है। इसके तहत देश के सभी जिलों में पीडियाट्रिक केयर यूनिट से लेकर आईसीयू बेड, ऑक्सीजन स्टोरेज, एंबुलेंस और दवाओं जैसे इंतजाम किए जाएंगे।’
मंत्रिमंडल ने वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए 23,123 करोड़ रुपये की एक नई योजना 'भारत कोविड-19 आपात प्रतिक्रिया और स्वास्थ्य प्रणाली तैयारी पैकेज- चरण 2' को स्वीकृति दी। इसका उद्देश्य बाल चिकित्सा देखभाल सहित स्वास्थ्य इन्फ्रा का विकास और शुरुआती रोकथाम और प्रबंधन के लिए तैयारियों में तेजी लाना है।
बता दें कि केंद्र सरकार इससे पहले देश भर में कोविड समर्पित अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने के लिए 15000 करोड़ रुपये दे चुकी है।
कैबिनेट बैठक: पीएम मोदी ने बताई पुराने मंत्रियों को हटाने की वजह, नए मंत्रियों को दी यह सलाह - अमर उजाला - Amar Ujala
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