
सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम बंगाल विधानसभा के अध्यक्ष से सांसद मुकुल रॉय के भाजपा से तृणमूल में शामिल होने के बाद उन्हें अयोग्य ठहराने की मांग वाली याचिकाओं पर तेजी से फैसला करने के लिए कहा है। शीर्ष अदालत ने कहा कि विधानसभा अध्यक्षों की यह प्रवृत्ति दिखाई देती है कि वे अयोग्यता की मांग वाली याचिकाओं पर निर्णय लेने में देरी करते हैं।
सुनवाई के दौरान जस्टिस नागेश्वर राव ने कहा, ‘हम अभी नवंबर में हैं। उच्च न्यायालय का फैसला सितंबर में आया था। तब से क्या हुआ है? क्या स्पीकर ने फैसला दे दिया?’
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने सात अक्तूबर तक स्पीकर से आदेश पारित करने को कहा था। पिछले 20-25 वर्षों से ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जहां अयोग्यता से जुड़ी याचिकाओं पर स्पीकर की ओर से फैसला लेने में देरी हुई है।
शीर्ष अदालत ने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि विधानसभा अध्यक्ष 21 दिसंबर को सुनवाई करेंगे। वे कानून के अनुसार फैसला लेंगे।’ इस पर बंगाल विधानसभा अध्यक्ष की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, ‘स्पीकर को उचित समय में निर्णय लेने दें। उन्हें सभी पक्षों को सुनना होगा।’ गौरतलब है कि विपक्ष के नेता शुभेंदु राय ने 17 जून को स्पीकर के समक्ष याचिका दायर कर मुकुल रॉय को विधानसभा सदस्य के रूप में अयोग्य ठहराने की मांग की थी।
मुकुल रॉय की जाएगी सदस्यता? सुप्रीम कोर्ट ने अयोग्यता मामले में जल्द फैसला करने को कहा - Hindustan हिंदी
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