Rechercher dans ce blog

Friday, July 22, 2022

Weather forecast: अगले 3-4 दिन देश के इन हिस्सों में जमकर बारिश! अपने शहर का मौसम भी देख लीजिए - Navbharat Times

Nirav Modi Properties Seized: ईडी का नीरव मोदी के खिलाफ एक्शन, हांगकांग में हीरा व्यापारी से जुड़ी - ABP न्यूज़

ED Action Against Nirav Modi: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने शुक्रवार को कहा कि उसने भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी (Nirav Modi) से जुड़ी कंपनियों के रत्न, जेवरात और बैंक में जमा रकम समेत कुल 253.62 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति जब्त की है.

केंद्रीय एजेंसी ने एक बयान में कहा कि यह सभी चल संपत्ति हांगकांग में है और धन शोधन जांच के तहत इन्हें जब्त किया गया. बयान के अनुसार, हांगकांग में नीरव मोदी समूह की कुछ संपत्ति की पहचान रत्न और जेवरात के रूप में की गई है जो निजी ‘वॉल्ट’ में रखे हुए हैं. इसके साथ ही, वहां बैंक खातों में रखी गई रकम के बारे में भी पता चला. 

ये भी पढ़ें- Presidential Election Result: सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने खास अंदाज में दी द्रौपदी मुर्मू को बधाई, ओडिशा में जश्न का माहौल

PMLA के प्रावधानों के तहत संपत्ति जब्त

इन्हें धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत अस्थायी रूप से जब्त कर लिया गया है. नीरव (50) अभी ब्रिटेन की एक जेल में कैद है. वह दो अरब डॉलर के पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी मामले में मुख्य आरोपी है. मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) कर रहा है.

ये भी पढ़ें- Kedarnath Yatra 2022: केदारनाथ यात्रा पर बारिश और भूस्खलन का भी असर नहीं, रिकॉर्ड संख्या में पहुंचे भक्त, अबतक कितने लोगों ने किया दर्शन?

यूके की जेल में बंद हैं नीरव मोदी

50 वर्षीय नीरव मोदी इस वक्त यूके की जेल में बंद है. ईडी के मुताबिक उसने पीएनबी बैंक धोखाधड़ी के मामले में ₹6,498.20 करोड़ के मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) के तहत ईसीआईआर दर्ज करके जांच शुरू की थी.

Adblock test (Why?)


Nirav Modi Properties Seized: ईडी का नीरव मोदी के खिलाफ एक्शन, हांगकांग में हीरा व्यापारी से जुड़ी - ABP न्यूज़
Read More

दिल्ली में एलजी, सीएम में दो-दो हाथ, एक्साइज पॉलिसी की होगी सीबीआई जांच - Navbharat Times

Thursday, July 21, 2022

cbseresults.nic.in, CBSE 12th Result 2022 LIVE: सीबीएसई 12वीं के रिजल्ट घोषित, लड़कियों ने मारी बाजी - Aaj Tak

CBSE 12th Result 2022 Direct Link Check Here: सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (CBSE) ने इंटरमीडिएट (CBSE 12th Result 2022) के नतीजों का ऐलान कर दिया है. इस तरह लाखों स्टूडेंट्स का इंतजार खत्म हो गया. जिन स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी, वे रिजल्ट बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट्स cbseresults.nic.in या फिर cbse.nic.in पर चेक कर सकते हैं. स्टूडेंट्स को नतीजे देखने के लिए रोल नंबर, डेट ऑफ बर्थ और स्कूल कोड की जरूरत होगी.

छात्र, अपनी ऑनलाइन मार्कशीट ऑफिशियल वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं लेकिन ओरिजिनल मार्कशीट के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा. छात्र रिजल्ट जारी होने के कुछ दिन बाद अपने स्कूल जाकर अपनी मार्कशीट कम पास सर्टिफिकेट हासिल कर सकते हैं. इसके अलावा, डिजिलॉकर ऐप या वेबसाइट पर जाकर सीबीएसई रिजल्ट, मार्कशीट कम पास सर्टिफिकेट और दूसरे जरूरी डॉक्यूमेंट्स डाउनलोड कर सकते हैं. पढ़ें CBSE Board Results 2022 से जुड़े Live और Latest Updates:

Adblock test (Why?)


cbseresults.nic.in, CBSE 12th Result 2022 LIVE: सीबीएसई 12वीं के रिजल्ट घोषित, लड़कियों ने मारी बाजी - Aaj Tak
Read More

केजरीवाल का सिंगापुर टूर रद्द होने के पीछे 'MCD कनेक्शन', LG के फैसले पर भड़की AAP - Aaj Tak

स्टोरी हाइलाइट्स

  • एलजी बोले- मेयरों की बैठक, सीएम का जाना ठीक नहीं
  • 'दूसरों के लिए ये गलत उदाहरण सेट कर सकता है'

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल सिंगापुर दौरे पर नहीं जा पा रहे हैं. उनकी इस एक यात्रा को लेकर राजनीति गरमा गई है. केंद्र से लेकर एलजी तक ये विवाद पहुंच चुका है. कुछ दिनों में सिंगापुर में मेयरों की एक अहम बैठक होनी है, उसी में केजरीवाल जाना चाहते हैं, दिल्ली मॉडल पर बात करना चाहते हैं. लेकिन उन्हें उस यात्रा की मंजूरी नहीं मिली है. एलजी वीके सक्सेना ने भी केजरीवाल की मांग को खारिज कर दिया है.

अब इस विवाद पर दिल्ली के डिप्टी सीएम मनोज सिसोदिया ने अपनी प्रतिक्रिया दी है. उनकी नजरों में ये सिर्फ एक ओछी राजनीति है जिसके तहत केजरीवाल को सिंगापुर जाने से रोका जा रहा है. वे कहते हैं कि उपराज्यपाल ने मेयर की कॉन्फ्रेंस का हवाला देते हुए फ़ाइल लौटा दी है. उनकी तरफ से सिंगापुर की इस कॉन्फ्रेंस में नहीं जाने का सुझाव दिया गया है. ओछी राजनीति के तहत ये सब किया गया है.

वैसे इस पूरे विवाद पर एलजी वीके सक्सेना ने सिर्फ ये कहा है कि केजरीवाल जिस बैठक का हिस्सा बनना चाहते हैं, वो मेयरों की है, वहां पर किसी भी मुख्यमंत्री की जरूरत नहीं है. इसी वजह से सीएम अरविंद केजरीवाल को सिंगापुर दौरे की मंजूरी नहीं दी गई है.

LG की तरफ से बताए गए ये कारण

एलजी ने इस बात पर भी जोर दिया है कि सिंगापुर में होने जा रही बैठक में Urban Governance के अलग-अलग मुद्दों पर चर्चा होनी है. दिल्ली में ये सारा काम NDMC, MCD और DDA देखता है. इसी वजह से एलजी मानते हैं कि मुख्यमंत्री का उस बैठक में शामिल होना गलत उदाहरण सेट करेगा.

कुछ दिन पहले बीजेपी नेता मनोज तिवारी ने भी केजरीवाल पर तंज कसते हुए कहा था कि मेयरों की बैठक में सीएम जाकर क्या दिखाना चाहते हैं? वे क्या करना चाहते हैं? तिवारी ने यहां तक कह दिया है कि केजरीवाल के दरवाजे पर तीन-तीन मेयर 15 दिन तक बैठे रहते हैं, लेकिन उनकी तरफ से कोई फंड नहीं दिया जाता है, वे उनसे मिलने की जहमत तक नहीं दिखाते.

वैसे इससे पहले भी विदेशी दौरों को लेकर केजरीवाल की केंद्र से तकरार देखने को मिली है. अधिकारों की इस लड़ाई में हर बार बीजेपी बनाम आम आदमी पार्टी की जंग देखने को मिल जाती है. इस बार भी सिंगापुर विवाद में वही देखने को मिल रहा है. इस पर अरविंद केजरीवाल ने सिर्फ इतना कहा है कि मैं कोई अपराधी नहीं हूं, दिल्ली का निवार्चित सीएम हूं, मुझे क्यों रोका जा रहा है, किस आधार पर मंजूरी नहीं दी जा रही. ये सारी बातें मेरी समझ से बाहर हैं.

 

Adblock test (Why?)


केजरीवाल का सिंगापुर टूर रद्द होने के पीछे 'MCD कनेक्शन', LG के फैसले पर भड़की AAP - Aaj Tak
Read More

सोनिया गांधी ईडी के सामने पेश, कांग्रेस ने मचाया हंगामा, बीजेपी बोली महामानव हैं कांग्रेस अध्यक्षा? - BBC हिंदी

सोनिया गांधी

इमेज स्रोत, Reuters

कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी गुरुवार को नेशनल हेराल्ड केस में प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष पेश हुईं जिसके विरोध में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं, कार्यकर्ताओं एवं सांसदों ने देश भर में तमाम जगहों पर विरोध प्रदर्शन किए हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़, सोनिया गांधी से लगभग दो घंटे तक पूछताछ की गयी जिसके बाद सोनिया गांधी के निवेदन पर पूछताछ को अगली तारीख़ तक टाल दिया गया. वह पिछले दिनों कोरोना वायरस से संक्रमित हो गयी थीं. और इस समय रिकवरी कर रही हैं.

हालांकि, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इसका खंडन करते हुए कहा है कि 'आज सोनिया गांधी ईडी दफ़्तर गयी थीं, दो-तीन घंटे तक उनसे पूछताछ की गयी, इसके बाद ईडी के अधिकारियों ने उन्हें जाने दिया क्योंकि उनके पास पूछने के लिए कुछ भी शेष नहीं था. इस पर कांग्रेस अध्यक्षा ने कहा कि वह जितने चाहें उतने सवाल पूछ सकती हैं.

ये आरोप पूरी तरह आधारहीन है कि सोनिया गांधी ने कोविड-19 से रिकवरी का हवाला देते हुए पूछताछ बंद करने की अपील की. पूछताछ बंद हुई क्योंकि ईडी के पास पूछने के लिए कुछ भी नहीं था. सोनिया गांधी ने कहा है कि ईडी अधिकारी जब चाहेंगे तब वह ईडी दफ़्तर पहुंचने के लिए तैयार हैं."

लेकिन इस दौरान दिल्ली से लेकर कर्नाटक तक भारत के तमाम राज्यों में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए.

कर्नाटक के बेंगलुरु में शांतिनगर स्थित प्रवर्तन निदेशालय के दफ़्तर के बाहर यूथ कांग्रेस के एक कार्यकर्ता ने एक वाहन को आग के हवाले कर दिया.

बेंगलुरु के डीसीपी आर श्रीनिवास गौड़ ने समाचार एजेंसी एएनआई को बताया है कि शांतिनगर और शेशाद्रिपुरम में भी एक घटना सामने आई है जिसमें वाहनों को आग के हवाले करने की कोशिश की गयी है. और इसमें 11 लोगों को हिरासत में लिया गया है.

इसके साथ ही चंडीगढ़ में पुलिस को कांग्रेस कार्यकर्ताओं को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछार की.

तेलंगाना में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हैदराबाद स्थित ईडी दफ़्तर के बाहर एक दो-पहिया वाहन को आग के हवाले कर दिया.

कांग्रेस कार्यकर्ता

इमेज स्रोत, RAJAT GUPTA/EPA-EFE/REX/Shutterstock

क्या बोले कांग्रेस के शीर्ष नेता

कांग्रेस के शीर्ष नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रवर्तन निदेशालय के इस कदम का विरोध करते हुए कहा है कि '65 साल से ऊपर के जितने भी वरिष्ठ नागरिक होते हैं, उनके घर पर जाकर पूछताछ करते हैं, लेकिन यहां पर तो वे सब चीज़ें तोड़ रहे हैं. वे दिखाना चाहते हैं कि वे कितने पावरफुल हैं.'

वहीं, कांग्रेस नेता गुलाम नबी आज़ाद ने कहा है कि 'एक ही केस के लिए परिवार के दो लोगों को बुलाना ये कहां का न्याय है. अभी राहुल गांधी को 4-5 बार बुलाया, उसी केस में उनकी मां को बुलाने की कोई ज़रूरत नहीं थी. इसके अलावा हमें आंदोलन करने का अधिकार है.'

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा है कि 'उनकी उम्र 70 वर्ष से अधिक है, ईडी से उन्हें घर आकर पूछताछ करनी चाहिए थी. इस वक्त में ईडी का जो दुरुपयोग हो रहा है, ये जगजाहिर है, ये कोई नई बात नहीं है.'

केरल से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सोनिया गांधी से पूछताछ का विरोध करते हुए कहा है कि 'ये अन्याय चल रहा है और अन्याय की राजनीति नहीं होनी चाहिए.'

और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने कहा है कि 'सोनिया गांधी को ईडी दफ्तर तलब किया गया है. सोनिया गांधी की तबीयत पिछले कुछ समय से ठीक नहीं है और फिर भी भाजपा उनके पीछे है. भाजपा बदला लेने की इच्छा में इतनी अंधी है.'

मोदी

इमेज स्रोत, Getty Images

बीजेपी ने क्या कहा?

बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा है, "एक तरफ हम हैं, जो कानून का, संस्थाओं का सम्मान करते हैं. दूसरी तरफ इनका आचरण देखिए. इनके मुख्यमंत्री दिल्ली में बैठे हुए हैं. सारे एमपी सदन छोड़कर, उनके समर्थन में ईडी और अन्य संस्थाओं का मनोबल गिरा रहे हैं.

आज कांग्रेस का ये सत्याग्रह नहीं, दुराग्रह है. परिवार जब पार्टी की संपत्ति को अपनी जेब में रख रहा है, तो ये उसे बचाने का दुराग्रह है. हम इसकी भर्त्सना करते हैं."

प्रसाद ने ये भी बताया है कि "नेशनल हेराल्ड एक अखबार था. बाद में अखबार बंद हो गया, उस पर देनदारी हो गई. बहुत ही छंद्म तरीके से 90 करोड़ रुपये का लोन दिया गया. एक पारिवारिक संस्था यंग इंडिया बनाई गई.

ग़ैर क़ानूनी तरीके से नेशनल हेराल्ड की पूरी संपत्ति को यंग इंडिया को दे दिया गया. नेशनल हेराल्ड के पास हजारों करोड़ रुपये की संपत्ति है. कई शहरों में ये संपत्ति है, जिसकी जमीन को कांग्रेस सरकारों ने सस्ते दाम पर दिया. उससे हज़ारों करोड़ रुपये का किराया आता है."

वहीं, संसद में संसदीय कार्यों के मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कांग्रेस नेताओं के विरोध प्रदर्शन पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है.

उन्होंने कहा है कि "वे महंगाई पर चर्चा किए जाने की मांग कर रहे थे. हमने कहा कि हम चर्चा के लिए तैयार हैं.

इनकी समस्या क्या है. ये सदन चलाना चाहते हैं या नहीं चलाना चाहते हैं, मैं पूछना चाहता हूं कि कानून के सामने सब एक समान हैं या नहीं...कांग्रेस की अध्यक्षा महामानव हैं क्या?"कांग्रेस कार्यकर्ताओं के विरोध प्रदर्शन और शीर्ष कांग्रेस नेताओं के विरोध को बीजेपी ने ग़ैर-ज़रूरी बताते हुए इसकी भर्त्सना की है.

नेशनल हेराल्ड

इमेज स्रोत, SANCHIT KHANNA/HINDUSTAN TIMES VIA GETTY IMAGES

आख़िर क्या है मामला

ये मामला नेशनल हेराल्ड अख़बार से जुड़ा है, जिसकी स्थापना 1938 में भारत के पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने की थी. उस समय से यह अख़बार कांग्रेस का मुखपत्र माना जाता रहा था.

अख़बार का मालिकाना हक़ 'एसोसिएटेड जर्नल लिमिटेड' यानी 'एजेएल' के पास था, जो दो और अख़बार भी छापा करती थी. हिंदी में 'नवजीवन' और उर्दू में 'क़ौमी आवाज़'.

आज़ादी के बाद 1956 में एसोसिएटेड जर्नल को ग़ैर व्यावसायिक कंपनी के रूप में स्थापित किया गया और कंपनी एक्ट धारा 25 के अंतर्गत इसे कर मुक्त भी कर दिया गया.

वर्ष 2008 में 'एजेएल' के सभी प्रकाशनों को निलंबित कर दिया गया और कंपनी पर 90 करोड़ रुपये का क़र्ज़ भी चढ़ गया.

फिर कांग्रेस नेतृत्व ने 'यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड' नाम की एक नई ग़ैर व्यावसायिक कंपनी बनाई, जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी सहित मोतीलाल वोरा, सुमन दुबे, ऑस्कर फर्नांडिस और सैम पित्रोदा को निदेशक बनाया गया.

इस नई कंपनी में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के पास 76 प्रतिशत शेयर थे जबकि बाकी के 24 प्रतिशत शेयर अन्य निदेशकों के पास थे.

कांग्रेस पार्टी ने इस कंपनी को 90 करोड़ रुपए बतौर ऋण भी दे दिया. इस कंपनी ने 'एजेएल' का अधिग्रहण कर लिया.

सुब्रमण्यम स्वामी

इमेज स्रोत, Reuters

सुब्रमण्यम स्वामी के आरोप

भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने वर्ष 2012 में एक याचिका दायर कर कांग्रेस के नेताओं पर 'धोखाधड़ी' का आरोप लगाया था. उन्होंने अपनी याचिका में कहा था कि 'यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड' ने सिर्फ़ 50 लाख रुपयों में 90.25 करोड़ रुपये वसूलने का उपाय निकाला जो 'नियमों के ख़िलाफ़' है.

याचिका में आरोप लगाया गया कि 50 लाख रुपये में नई कंपनी बनाकर 'एजेएल' की 2000 करोड़ रुपये की संपत्ति को 'अपना बनाने की चाल' चली गई.

दिल्ली की एक अदालत ने इस मामले में चार गवाहों के बयान दर्ज किए थे. 26 जून, 2014 को अदालत ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी सहित नई कंपनी में निदेशक बनाए गए सैम पित्रोदा, सुमन दुबे, ऑस्कर फर्नांडिस और मोतीलाल वोरा को पेश होने का समन भेजा था.

अदालत ने 'यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड' के सभी निदेशकों को 7 अगस्त, 2014 को अपने सामने पेश होने का निर्देश दिया था.

सोनिया गांधी

इमेज स्रोत, ANI

तब अदालत में दी गई कांग्रेस की दलील

मगर कांग्रेस के नेताओं ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की, जिस पर सुनवाई के बाद निचली अदालत की ओर से जारी समन पर रोक लगा दी गई थी.

कांग्रेस के नेताओं ने अदालत में दलील दी कि 'यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड' नाम की संस्था को 'सामजिक और दान करम' के कार्यों के लिए बनाया गया है.

नेताओं की यह भी दलील थी कि 'एजेएल' के शेयर स्थानांतरित करने में किसी 'ग़ैर क़ानूनी' प्रक्रिया को 'अंजाम नहीं दिया गया' बल्कि यह शेयर स्थानांतरित करने की 'सिर्फ एक वित्तीय प्रक्रिया' थी.

दिल्ली हाई कोर्ट ने कांग्रेस के नेताओं की ओर से दायर 'स्टे' की याचिका को ख़ारिज करते हुए कहा कि एक 'सबसे पुराने राष्ट्रीय दल की साख दांव पर' लगी है क्योंकि पार्टी के नेताओं के पास ही नई कंपनी के शेयर हैं.

हाई कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत के लिए यह ज़रूरी है कि वो मामले की बारीकी से सुनवाई करे ताकि पता चल पाये कि 'एजेएल' को ऋण किन सूरतों में दिया गया और फिर वो नई कंपनी 'यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड' को कैसे ट्रांसफ़र किया गया.

ये भी पढ़ें -

Adblock test (Why?)


सोनिया गांधी ईडी के सामने पेश, कांग्रेस ने मचाया हंगामा, बीजेपी बोली महामानव हैं कांग्रेस अध्यक्षा? - BBC हिंदी
Read More

ज्ञानवापी विवाद : शिवलिंग की पूजा और कार्बन डेटिंग की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से SC का इंकार - NDTV India

नई दिल्ली:

ज्ञानवापी में मिले ‘शिवलिंग' पर पूजा की इजाजत और कार्बन डेटिंग की नई याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि निचली अदालत में मामला उठाइए. सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को छूट दी है कि वो ट्रायल कोर्ट में मुद्दे को उठा सकते हैं. कोर्ट ने कहा कि अभी मुकदमा लंबित है तो सुनवाई नहीं करेंगे. सुप्रीम कोर्ट ज्ञानवापी मामले में वाराणसी अदालत के फैसले का इंतजार करेगा.

यह भी पढ़ें

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले के सुनवाई योग्य होने पर ट्रायल कोर्ट सुनवाई करता रहेगा. सुप्रीम कोर्ट मामले को लंबित रखेगा और अक्टूबर के पहले हफ्ते में सुनवाई करेगा. सुप्रीम कोर्ट ने वकील हरी शंकर जैन से कहा कि आप एक समझदार वकील हैं, आप जो याचिका में मांग कर रहे है वो आप सूट पर बहस के सुनवाई के दौरान मांग कर सकते है. आप अनुच्छेद 32 के तहत मांग नहीं कर सकते. 

शृंगार गौरी-ज्ञानवापी केस : हिंदू पक्ष में रार, वैदिक सनातन संघ प्रमुख जितेन सिंह ने वकील विष्‍णु शंकर पर लगाए गंभीर आरोप

जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि हमारे आदेश के मुताबिक हिंदू पक्ष की याचिका सुनवाई योग्य है या नहीं इस पर अभी निचली अदालत में सुनवाई हो रही है. मस्जिद कमेटी की तरफ से बताया गया कि नियम 7/ 11 के तहत निचली अदालत में बहस चल रही है. हमने मामला जिला जज को स्थानांतरित कर दिया था. अगर जज मानते हैं कि हिंदू पक्ष की याचिका सुनवाई योग्य नहीं है तो ये मुकदमा खत्म हो जाएगा. लेकिन अगर वह सुनवाई योग्य मानते हैं तो सबूत रखे जाएंगे. निचली अदालत का आदेश आने दीजिए, आपके कानूनी रास्ते को हम खुला रखेंगे. अगर आपके पक्ष में फैसला आया तो मामला खत्म. मान लीजिए अगर निचली अदालत का फैसला आपके खिलाफ जाता है तो फिर आपके पास कानूनी विकल्प हैं. 

"ज्ञानवापी या मथुरा देने से समस्या हल हो सकती है तो दे देना उचित", NDTV से बोले नजीब जंग

याचिका में क्या की गई मांग?
एक वकील, एक प्रोफेसर और पांच सामाजिक कार्यकर्ताओं सहित सात महिला याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई है. याचिकाकर्ताओं के वकील विष्णु शंकर जैन के मुताबिक जीपीएस इस पूरे परिसर को इलेक्ट्रो मैग्नेटिक रडार के जरिए जांचने का सबसे सुरक्षित सटीक और वैज्ञानिक तरीका है, जिसमें बिना किसी चीज से छेड़छाड़ किए तथ्य जुटाए जा सकते हैं. सुप्रीम कोर्ट से यह भी गुहार लगाई गई है कि सनातन धर्मियों की भावनाओं के मद्देनज़र कोर्ट ज्ञानवापी से मिले आदि विश्वेश्वर शिवलिंग को विश्वनाथ मंदिर के पास स्थापित करने और उसकी पूजा अर्चना उपासना करने की इजाजत काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास को दें. क्योंकि काशी में विश्वनाथ मंदिर के चारों ओर पांच कोस यानी लगभग 15 किलोमीटर तक का दायरा काशी के अधिष्ठाता देव विश्वेश्वर का क्षेत्र है. याचिका में ज्ञानवापी सर्वे में मिले शिवलिंग पर काशी विश्वनाथ ट्रस्ट को कब्जा लेने का निर्देश देने की मांग की गई है.

Adblock test (Why?)


ज्ञानवापी विवाद : शिवलिंग की पूजा और कार्बन डेटिंग की मांग वाली याचिका पर सुनवाई से SC का इंकार - NDTV India
Read More

'हां, ये सही है लेकिन क्या मुल्क में यही चलता रहेगा...', ASI रिपोर्ट पर बोले प्रोफेसर इरफान हबीब - Aaj Tak

ज्ञानवापी परिसर की ASI सर्वे रिपोर्ट को लेकर हिंदू पक्ष ने कई दावे किए हैं. गुरुवार को वकील विष्णु शंकर जैन ने रिपोर्ट सार्वजनिक की. उन्हों...