
कोरोना इलाज में ऐलोपैथी दवाओं के इस्तेमाल को लेकर बाबा रामदेव के वायरल वीडियो के मामले में आईएमए की उत्तराखंड शाखा भी बाबा रामदेव के खिलाफ मानहानि का दावा ठोकने जा रही है। आईएमए के राज्य सचिव डॉ अजय खन्ना ने कहा कि पहले बाबा को नोटिस भेजा जा रहा है। यदि नोटिस का संतोष जनक जबाव नहीं मिला तो मानहानि का दावा भी किया जाएगा और इस मामले में एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। डॉ खन्ना ने कहा कि बाबा रामदेव का ऐलापैथी इलाज पर दिया गया बयान निदंनीय है। कोरोना काल में जब देश के सभी डॉक्टर बहुत मुश्किल हालातों का सामना करते हुए लोगों की जान जुटाने में लगे हैं। ऐसे समय में इस तरह का बयान देने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए थी।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय तत्काल इस मामले में कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत और सचिव स्वास्थ्य अमित नेगी को सोमवार को इस मामले में ज्ञापन देकर बाबा रामदेव के खिलाफ महामारी एक्ट में मुकदमा दर्ज करने की मांग की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से यदि उचित कदम नहीं उठाया जाता तो आईएमए आगे की रणनीति बनाने पर मजबूर होगी। उन्होंने कहा कि यदि सरकार को भी लगता है कि बाबा रामदेव का बयान सही है तो फिर प्राइवेट डॉक्टरों को भी इलाज करने की क्या जरूरत है।
योग गुरु बाबा रामदेव की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, आईएमए की मांग-महामारी ऐक्ट में दर्ज हो केस - Hindustan
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