
सुरेंद्र प्रसाद सिंह, नई दिल्ली। दक्षिण-पश्चिम मानसून के ताजा रुख और देशव्यापी अच्छी व व्यापक बारिश की संभावना के मद्देनजर चालू खरीफ सीजन में अच्छी खेती का अनुमान है। इसे देखते हुए कृषि मंत्रालय ने सभी राज्यों को चालू सीजन की फसलों के लिए वैज्ञानिक सलाह भेजी है। इसमें कोरोना संक्रमण से बचाव के तरीके भी सुझाए गए हैं। केरल तट पर देर से पहुंचने के बावजूद मानसूनी बादलों ने रफ्तार पकड़ ली है। दक्षिणी राज्यों के साथ महाराष्ट्र होते हुए मानसून पूर्वोत्तर राज्यों में फैल चुका है। यह अगले तीन-चार दिनों में समूचे पूर्वी राज्यों और बंगाल की खाड़ी से लगे क्षेत्रों में सक्रिय हो जाएगा। उत्तरी क्षेत्र में भी इसके समय से पहुंचने की संभावना है।
कृषि उत्पादन का यह लक्ष्य पिछले फसल वर्ष के मुकाबले अधिक
चालू मानसून सीजन की बारिश पर खाद्यान्न और देश की अर्थव्यवस्था का बहुत बड़ा दारोमदार है। इसी के मद्देनजर चालू फसल वर्ष 2021-22 के दौरान कुल 30.73 करोड़ टन से अधिक खाद्यान्न की पैदावार का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें 15.1 करोड़ टन अनाज अकेले एक जून से शुरू हुए खरीफ सीजन में उत्पादन करने का लक्ष्य है। जबकि आगामी रबी सीजन में पैदावार का लक्ष्य 15.59 करोड़ टन निर्धारित किया गया है। उत्पादन का यह लक्ष्य पिछले फसल वर्ष के मुकाबले अधिक है।
कृषि मंत्रालय ने भेजा राज्यों को वैज्ञानिक एडवाइजरी
कृषि मंत्रालय ने मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए इस लक्ष्य को प्राप्त करने की पूरी तैयारियां कर ली हैं। इसके लिए सभी राज्यों को वैज्ञानिक एडवाइजरी (सलाह) भेजी है। इसमें राज्यवार विस्तार से ब्योरा दिया गया है। फसलों की पैदावार के साथ बागवानी फसलों की खेती, डेयरी, पशुपालन, पोल्ट्री और मत्स्य पालन को लेकर भी मशविरा दिया गया है। दलहन व तिलहन की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए उचित सलाह के साथ किसानों को उनके मिनी किट भी बांटे जा रहे हैं। राज्यों में होने वाली अनुमानित बारिश और उसके अनुरूप बोई जाने वाली फसलों के साथ उसके वैज्ञानिक तौर-तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है।
मानसून सीजन में पशुओं में होने वाले रोगों व बचाव के बारे में बताया गया
मानसून सीजन में पशुओं में होने वाले रोगों और उनके बचाव के अलावा दूध देने वाले पशुओं को लगाए जाने वाले टीकों और पशुचारे के बारे में विस्तार से सलाह दी गई है। इंडियन काउंसिल आफ एग्रीकल्चरल रिसर्च (आइसीएआर) की सभी शाखाओं के विज्ञानियों की सलाह ली गई है। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ने किसानों को उनकी आमदनी दोगुनी करने की याद दिलाते हुए कहा है कि वर्ष 2022 में ही इस लक्ष्य को प्राप्त कर लेना है। इसलिए कृषि के प्रत्येक क्षेत्र में कोई कोताही नहीं बरती जानी चाहिए।
असम और मेघालय में भारी बारिश का अलर्ट घोषित
मौसम विभाग के मुताबिक, केरल तट तक पहुंचने के तीन दिनों के भीतर ही मानसूनी बादल बड़ी तेजी से हिमालय क्षेत्र वाले बंगाल और सिक्किम समेत समूचे पूर्वोत्तर राज्यों में सक्रिय हो गए हैं। मानसूनी हवाओं की रफ्तार तेज है। अगले दो दिनों के भीतर मानसूनी बादल पूर्वी क्षेत्र समेत बंगाल की खाड़ी से लगे इलाकों में सक्रिय हो जाएंगे। इस पूरे क्षेत्र में भारी से मूसलधार बारिश की संभावना जताई गई है। इसी आशंका से असम और मेघालय में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। मानसून इस बार पूर्वी राज्यों में सामान्य से अधिक बरस सकता है।
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Monsoon Update: मानसूनी बादलों ने पकड़ी रफ्तार, इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, व्यापक बारिश से देश में अच्छी खेती के आसार - दैनिक जागरण (Dainik Jagran)
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